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सिस्को ने हाइब्रिड वर्क के लिए पेश किया इंडिया वेबैक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर

नयी दिल्ली : तकनीकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी सिस्को के अध्यक्ष डेव वेस्ट ने कहा है कि 2030 तक भारत में डिजिटल कर्मचारियों की संख्या में तीन गुना वृद्धि होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इन संभावनाओं के दोहन के लिए हमारा लक्ष्य एक बेहतर अनुभव वाली अधिक समावेशी डिजिटल सुविधा प्रदान करना है। सिस्को ने भारत में कहीं से भी बैठकर काम करने के बढ़ते रुझान को देखते हुए काम के हाइब्रिड मॉडल की सुविधा के लिए उपभोक्ताओं में अपने ऑनलाइन वेबैक्स मंच को अपना रहे ग्राहकों की संख्या में तेजी से वृद्धि लाने के लिए इंडिया वेबैक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर और आवश्यक नियामक लाइसेंस में निवेश किया है।
उन्होंने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी देते हुए दावा किया कि इंडिया वेबैक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर सेवा की दरें विशेष रूप से भारत के ग्राहकों को ध्यान में रखकर गठित की गयी हैं। इससे ग्राहकों की लागत में 50 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। श्री वेस्ट ने कहा कि देश में सहयोग समाधानों के लिए इंडिया वेबैक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर अपनी तरह की पहली सेवा है। वेबैक्स में एक समर्पित डेटा सेंटर है जो सिस्को के सुरक्षित उत्पादों और समाधानों से समर्थित है। इसका लक्ष्य सर्वश्रेष्ठ डेटा गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि मासिक आधार पर लाखों प्रतिभागियों के साथ इस परिवर्तन में वेबैक्स वैश्विक स्तर के कुछ प्लेटफार्मों में से एक है और सिस्को की देश में हाइब्रिड वर्क (कहीं से भी काम करने की सुविधा) में तेजी लाने के लिए किए गए निवेशों की श्रृंखला में यह नया डेटा सेंटर नवीनतम है। इससे भौगोलिक सीमाओं, समाजिक आर्थिक पृष्ठभूमि या भाषा की परवाह किए बिना नए अवसर पैदा कर सकते हैं।
डेटा सेंटर ग्राहकों को कई सेवाएं प्रदान करेगा और कंपनी को निरंतर विकास बनाए रखने, समृद्ध उपयोगकर्ता अनुभव की सुविधा प्रदान करने और वेबैक्स प्रणाली में उद्योगों में अग्रणी सुरक्षा और प्रबंधन प्रदान करने की अनुमति देगा।
वेबैक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर परिचालन लागत को कम करते हुए तकनीकी दक्षता बढ़ाएगा। डेटा सेंटर सिस्को को देश में अधिक स्टार्ट-अप, ग्राहकों, भागीदारों और सेवा प्रदाताओं के साथ साझेदारी करने और नए नवाचारों को तेजी से बाजार में लाने की सुविधा देगा।
सिस्को इंडिया और सार्क की अध्यक्ष डेजी चित्तिलापिल्ली ने कहा, “हाइब्रिड वर्क के दायरे और गति को बढ़ावा देने के प्रयास में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जिस तरह अधिक कंपनियां हाइब्रिड होंगी, सुरक्षित और अनुकूल हाइब्रिड कार्य के समाधानों की मांग में बढ़ोतरी होगी। इस निवेश के साथ हम एक बढ़ते बाजार में अपना विस्तार करना चाहते हैं जिसके भारत में 2025 तक 25 करोड़ डॉलर से अधिक पहुंचने की उम्मीद है।”
सिस्को हाइब्रिड वर्क स्टडी 2022 रिपोर्ट के अनुसार लगभग चार में से तीन भारतीय कर्मचारी भविष्य में हाइब्रिड कार्य पर्यावरण के पक्ष में हैं सभी क्षेत्रों में हाइब्रिड काम के लिए प्राथमिकता में वृद्धि देखी है। मार्च 2020 के बाद से अमेरिका के बाद भारत में सबसे अधिक उपयोग हो रहा है।

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