- काॅलेज की छात्राओं ने विभिन्न डिज़ाइनों में रचाई मेंहँदी
- मेहँदी प्रतिस्पर्धा में करीब 40 छात्राओं ने लिया भाग
- प्रतियोगिता में प्रथम दीपाली, द्वितीय संयुक्त स्वरूप वंशिका, निकिता और तृतीय स्थान सपना, रानू संयुक्त स्वरूप से रही विजेता
- खामोश और मुस्कान को मिला सांत्वना पुरस्कार
कपिल शर्मा /गौरवशाली भारत
नाँगल चौधरी। करवा चौथ के मांगलिक अवसर पर बुधवार को बैजनाथ चौधरी राजकीय महिला महाविद्यालय में छात्राओं के हुनर को निखारते हुए प्राचार्या डाॅ. अनीता तँवर की अध्यक्षता में महिला प्रकोष्ठ के तहत मेहंदी प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महिला प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. सुशीला यादव की देखरेख में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में महाविद्यालय की लगभग 40 प्रतिभागी स्वरुप छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान सभी छात्राओं ने विभिन्न डिज़ाइन सहित अपने हाथों को सुंदर मेहंदी से सजाया।

इस प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल सदस्य की भूमिका का निर्वहन करते हुए प्रोफेसर संतोष यादव, ममता बायला, सुदेश द्वारा छात्राओं को सिनिअर्स जुनियर वर्ग परिणाम घोषित किया गया। प्रथम स्थान पर रही बीए प्रथम वर्ष की दीपाली, द्वितीय वर्ष संयुक्त रुप से, द्वितीय स्थान पर बीकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा वंशिका और बीकॉम प्रथम वर्ष संयुक्त रुप से छात्रा निकिता और तृतीय स्थान हासिल करने वाली बीए प्रथम वर्ष की छात्रा सपना और बीएससी तृतीय वर्ष की छात्रा रानू संयुक्त रूप से विजेता रही। इस दौरान बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा खामोश और बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा मुस्कान को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

बैजनाथ चौधरी राजकीय महिला महाविद्यालय की प्राचार्या डाॅ. अनीता तंँवर ने बताया कि, मेहंदी लगाना भी एक कला है। पुरातन समय में मेहंदी गोल टिक्के के रूप में लगाई जाती थी। पहले सुविधाओं के अभाव में मेहँदी कीप उपलब्ध नहीं हो पाती थी। माचिस की तीली से सुदंर मेहंदी डिजाइन तैयार की जाती थी। अब वर्तमान समय में मेहँदी प्रोफेशनल तरीके से और विभिन्न डिजाइनों में लगाई जाती है। मेहँदी मांगलिक अवसर पर हाथों की शोभा बढ़ाने के साथ-साथ शादी समारोह सहित विशेष पर्व करवा चौथ उपलक्ष्य महिलाओं की पहली पसंद रही है। इस मेहंदी प्रतियोगिता को करवाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों में छुपी हुई कला को उभारना है। इस कार्यक्रम के अवसर पर समस्त छात्राओं सहित काॅलेज़ स्टाॅफ़ उपस्थित रहा।
