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हरभजन के लगाए गए आरोपों की गहन जांच की मांग

चंडीगढ़ : पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के प्रधान गुलजार सिंह चहल के खिलाफ पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह द्वारा लगाए गए कदाचार और भ्रष्टाचार के आरोपों की एक स्वतंत्र जांच कराने का आग्रह किया है। श्री मजीठिया ने आज बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह दोनों को लिखे पत्र में कहा कि भारत-आस्ट्रेलिया मैच के दौरान गबन और अनियमितताओं की अलग से जांच की जानी चाहिए। पीसीए में गड़बड़ी तब शुरू हुई जब गुलजार इंदर सिंह चहल 27 मई को आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद प्रधान चुने गए।
उन्होंने कहा कि चहल जाहिर तौर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की पंसद थे, जिन्होंने पीसीए के सदस्यों पर राजेंद्र गुप्ता को हटाने के लिए कहा जिनकी स्वच्छ छवि के साथ साथ सामाजिक कार्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के कारण वे सभी की पसंद थे। इस प्रकार श्री चहल इस तथ्य के बावजूद कि वे एक राजनीतिक हस्ती थे, उनको पीसीए पद से हटा दिया गया, जिन्होंने पहले से ही श्री नवजोत सिंह सिद्धू के कार्यकाल के दौरान पंजाब प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष के रूप में काम किया था ।
बीसीसीआई अध्यक्ष और सचिव को लिखे पत्र में सरदार मजीठिया ने कहा कि पिछले पांच महीनों में पीसीए के प्रबंधन के मानदंडों यहां तक कि व्यापक अनियमितताएं देखी गई हैं, और इसे ठीक करने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पीसीए अध्यक्ष मतदान के अधिकार के साथ 150 नये आजीवन सदस्यों को शामिल करके संविधान के नियमों को तोड़ रहे हैे। यह शीर्ष काउंसिल और संस्था की जनरल बॉडी की मंजूरी के बिना किया जा रहा है जो बीसीआई के संविधान के भी खिलाफ है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि पीसीए के मुख्य सलाहकार रहे पूर्व किक्रेटर हरभजन सिंह ने भी संघ के सदस्यों और जिला इकाइयों से शिकायतें मिलने के बाद इस कदम का विरोध किया है। श्री हरभजन सिंह ने पीसीए अध्यक्ष के खिलाफ भ्रष्टाचार के विशेष आरोप लगाए हैं। यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि पंजाब के राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए पीसीए द्वारा अवैध रूप से पैसा इकटठा किया जा रहा है। पीसीए सचिव दिलशेर खन्ना ने भी इस कदम पर आपत्ति जताई है और लोकपाल को शिकायत सौंपी है। इन दोनों शिकायतों की गहनता से जांच की जानी चाहिए।
शिअद नेता ने बीसीसीआई से पीसीए को नए सदस्यों को शामिल करेन पर तुरंत रोक लगाने का निर्देश देन का आग्रह किया है। पीसीए को अपने शीर्ष परिषद के साथ साथ जनरल बॉडी के साथ साथ जनरल बॉडी की मीटिंग आयाजित करने के लिए भी कहा जाना चाहिए ताकि इसकी चल रही गतिविधियों के बारे में सभी सदस्यों से राय ली जा सके। उन्होने कहा कि पीसीए के खातों के साथ साथ मुल्लांपुर में अपने नए स्टेडियम के निर्माण में किए गए खर्च की स्वतंत्र ऑडिटरज् द्वारा सामान्य निकाय की संतुष्टि के लिए जांचने के लिए एक निर्देश जारी किया जाना चाहिए।

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