जम्मू : कश्मीरी पंडित सभा जम्मू ने शनिवार को चौधरी गुंड शोपियां में घर में पूरन कृष्ण भट्ट की हत्या की निंदा की। सभा की आज यहां अध्यक्ष के के खोसा के नेतृत्व में एक बैठक हुयी, जिसमें भट्ट हत्याकांड की निंदा की गयी। सभा के सदस्यों ने अल्पसंख्यकों की एक और लक्षित हत्या पर दुख व्यक्त किया। पिछले एक साल में लगभग तीस निर्दोषों लोगों की आतंकवादियों ने हत्या की है।
सभा के सदस्यों ने कहा कि इससे अल्पसंख्यकों में डल का माहौल है, विशेष रूप से कश्मीरी पंडितों में, जिन्हें सिर्फ हिंदू होने के नाते निशाना बनाया जा रहा है। आतंकवादियों और उनके हमदर्दों की एक को मारने और बाकी को डराने की योजना सफल होती दिख रही है। फिर भी प्रदेश सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है कि उसने कश्मीर से आतंकवाद को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार पीएम पैकेज के कर्मचारियों को बायोमेट्रिक उपस्थिति और उनके वेतन को रोकने की कार्रवाई कर कर्मचारियों को फिर से ड्यूटी ज्वॉइन करने के लिए मजबूर कर रही है।
श्री खोसा ने कहा कि लगभग दो साल में भीषण हत्याएं हुई हैं और फिर भी केंद्र शासित प्रदेश के शासन के लिए जिम्मेदार प्रशासनिक ढांचे में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को स्थिति का जायजा लेना चाहिए और पूरी तरह से हाथ से निकल चुकी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को तत्काल सुधार करने की आवश्यकता है और जम्मू-कश्मीर के कुछ और सलाहकारों को नियुक्त करने की आवश्यकता है, जो प्रदेश के निवासियों के के बीच सद्भावना रखते हैं। सभा ने कहा, “अनुच्छेद 370 और 35ए के निरस्त होने के बाद घाटी में शांति और सामान्य स्थिति लाने के लिए अब तक किए गए उपाय स्पष्ट रूप से जमीन पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। अल्पसंख्यक समुदाय को सुरक्षित महसूस कराने, अभी भी बहुत कुछ करने की आवश्यकता है। अन्यथा एक और पलायन हो सकता है।
जम्मू कश्मीरी पंडित सभा ने की शोपियां हत्याकांड की निंदा
