चंडीगढ़ : पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने आज अनूठी पहल की शुरुआत करते हुये सालों से धान की पराली और गेहूँ के अवशेष को न जलाने वाले किसानों का विधानसभा में एक सादे समारोह के दौरान सम्मान किया। इस मौके पर उन किसानों का भी सम्मान किया गया, जो धान की सीधी बुवाई करते हैं। इस सम्मान समारोह में फरीदकोट ज़िले 18, मोगा के 13, संगरूर के 10, रूपनगर के एक और गुरदासपुर 10 और लुधियाना और बरनाला के सात वातावरण प्रेमी किसानों का सम्मान किया गया।
सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुये श्री संधवां ने कहा कि गुरु साहिबानों की तरफ से दिखाऐ गए मार्ग पर चलते हुये खेती कर रहे किसानों का सम्मान करके वह ख़ुद को सम्मानित महसूस कर रहे हैं क्योंकि यह किसान समाज के लिए बहुत बड़ा प्रयास कर रहे हैं। इस तरह का यह पहला समागम हुआ है जिसमें वातावरण से जुड़े हुए लोगों को मिल बैठ कर विचार-चर्चा करने का मौका मिला है। उन्होंने किसानों को वातावरण हितैषी खेती करने के लिए अधिक से अधिक मदद मुहैया करवाने के लिए पंजाब सरकार को भी अपील की।
इस मौके पर विशेष मेहमान के तौर पर उपस्थित राज्य के पर्यावरण मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर ने कहा कि यह प्रोग्राम पंजाब के किसानों के लिए मार्गदर्शक का काम करेगा। सरकार पराली की समस्या को हल करने के लिए बहुत गंभीरता से प्रयत्नशील है और हर स्तर पर इस संबंधी कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से बड़े उद्योगों और भट्टों को इस बात के लिए प्रेरित किया है कि वह पराली को ईंधन के तौर पर इस्तेमाल करें क्योंकि इससे पैदा होने वाली पराली का 20 प्रतिशत हिस्सा ही निपटाया जा सकता है जबकि पराली के 80 प्रतिशत हिस्से का किसानों के सहयोग बिना निपटारा संभव नहीं।
उन्होंने किसानों को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने की अपील करते हुये कहा कि मानव को धरती पर रहने के लिए सबसे अधिक शुद्ध वातावरण की ज़रूरत है। इस मौके पर 100 के करीब किसानों को स्पीकर कुलतार सिंह संधवां, वातावरण मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर और विधान सभा की प्रिवलेज़ कमेटी के चेयरमैन कुलवंत सिंह पंडोरी की तरफ से सम्मान पत्र दिए गए।
इस मौके पर विधायक कुलवंत सिंह पंडोरी, भाई घनैया कैंसर रोकथाम सेवा सोसायटी फरीदकोट के प्रधान गुरप्रीत सिंह चन्दबाजा, बाबा गुरमीत सिंह खोसा कोटला, पी आर ओ मनप्रीत सिंह मनी धालीवाल, मुख्य कृषि अफ़सर फरीदकोट करनजीत सिंह, ए डी ओ यादविन्दर सिंह, प्रसिद्ध उद्यमी मिंटू धूरकोट रनसी भी उपस्थित थे।
पराली न जलाने वाले किसानों का सम्मान
