जालंधर : पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मंगलवार को मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) जालंधर कार्यालय में चल रहे संगठित भ्रष्टाचार घोटाले के खिलाफ दर्ज रिश्वत के मामले में फरार न्यू डिफेंस कॉलोनी, जोगिंदर नगर, रामा मंडी जालंधर निवासी एक निजी एजेंट परमजीत सिंह बेदी को गिरफ्तार किया है।
विजिलेंस ब्यूरो (वीबी) के प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि एम.वी.आई. कार्यालय जालंधर ने 23 अगस्त को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था और निजी एजेंटों की मिलीभगत से नरेश कलेर एम.वी.आई द्वारा बड़े पैमाने पर किए जा रहे एक संगठित भ्रष्टाचार घोटाले का पर्दाफाश किया था। इस मामले में नरेश कलेर, रामपाल उर्फ राधे और मोहनलाल उर्फ कालू (दोनों निजी एजेंट) को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि बाकी सात फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
उन्होंने बताया कि उक्त आरोपी बेदी की गिरफ्तारी के बाद विबी ने उसके पास से अलग-अलग नाम से जारी विभिन्न कंपनियों के तीन अलग-अलग तरह के स्मार्ट फोन और चार मोबाइल सिम बरामद किए हैं। इसके अलावा आरोपी एमवीआई नरेश कलेर, उनके कार्यालय की मुहर और घोटाले से जुड़े अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
आने वाले दिनों में वीबी आरोपी बेदी के मोबाइल फोन, सिम कार्ड और लैपटॉप का सारा डाटा साइबर विशेषज्ञों को जांच के लिए भेजेगा, जिससे और भी अहम खुलासे होने की संभावना है। प्रवक्ता ने इस घोटाले के बारे में और जानकारी देते हुए कहा कि उक्त एमवीआई नरेश कलेर बिना निरीक्षण के विभिन्न प्रकार के वाहनों को पास कर रहे थे और बिना सरकारी शुल्क दिए वाहनों को भारी रिश्वत लेकर फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे थे।
