भोपाल : मध्यप्रदेश में विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त संगठन ने ग्वालियर के विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) के तत्कालीन अध्यक्ष राकेश जादौन और तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ, आईएएस) तरुण भटनागर के खिलाफ नियम विरुद्ध तरीके से औद्योगिक विकास एवं भवन अनुज्ञा देने के सिलसिले में आज प्रकरण दर्ज जांच में ले लिया।
लगभग छह वर्ष पुराने इस मामले में ढाई वर्ष पहले शिकायत हुयी थी और लोकायुक्त संगठन ने प्रारंभिक जांच के बाद प्रकरण दर्ज कर लिया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी एवं तत्कालीन सीईओ तरुण भटनागर वर्तमान में निवाड़ी जिला कलेक्टर हैं। विशेष पुलिस स्थापना लाेकायुक्त के महानिदेशक कैलाश मकवाना ने यूनीवार्ता से चर्चा में प्रकरण दर्ज किए जाने की पुष्टि की है।
इस मामले में हुयी शिकायत के अनुसार ग्वालियर साडा के तत्कालीन अध्यक्ष राकेश जादौन और तत्कालीन सीईओ तरुण भटनागर ने अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर अधिकार नहीं होने के बावजूद रायऊ डिस्टलरी को 26 हेक्टेयर से अधिक आवासीय, सार्वजनिक व अर्धसार्वजनिक लैंडयूज की जमीन मुहैया कराने के संबंध में नियमों के विरुद्ध जाकर कार्य किया। इन लोगों ने शराब फैक्ट्री के लिए ग्वालियर का मास्टर प्लान भी बदल दिया, जिससे शासन को एक करोड़ से अधिक रुपयों के राजस्व की हानि हुयी। यह सभी लाभ वर्ष 2016 में दिलाए गए।
शिकायत की जांच के बाद पाया गया कि डिस्टलरी (शराब फैक्ट्री) को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से साडा के वरिष्ठ अधिकारियों ने षड़यंत्र किया और ग्राम कुलैथ तथा ग्राम पंचायत पुरानी छावनी के तहत आने वाले गांवों की भूमियों पर नियम विरुद्ध तरीके से औद्योगिक विकास एवं भवन अनुज्ञा प्रदाय की गयी। अपराध डिस्टलरी के पदाधिकारियों और अन्य संबंधितों के खिलाफ भी दर्ज किया गया है।
आईएएस और अन्य के खिलाफ दर्ज किया प्रकरण
