चंडीगढ़ : रॉकेट प्रोपेलड ग्रेनेड (आरपीजी) हमले के मामले में मुख्य आरोपी चड़त सिंह से पूछताछ के आधार पर पंजाब पुलिस ने एक एके-56 असाल्ट राइफल की बरामदगी और हमले के आरोपियों को पनाह देने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। नौ मई को मोहाली में इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर लगभग शाम पौने आठ बजे आरपीजी हमला किया गया था। गिरफ्तार किये गए व्यक्तियों की पहचान सैयद मुहम्मद तौसीफ चिश्ती उर्फ चिंकी निवासी अजमेर, राजस्थान और सुनील कुमार उर्फ काला के तौर पर हुई है।
पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि चड़त सिंह के खुलासे पर पुलिस टीमों ने एक एके-56 सहित 100 कारतूस और एक .30 बोर की पिस्तौल भी बरामद की है। उन्होंने बताया कि पुलिस टीमों ने राजस्थान के अजमेर से सैयद मुहम्मद तौसीफ चिश्ती उर्फ चिंकी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि चिंकी पिछले 5-7 सालों से लखबीर लंडा के संपर्क में था और लंडा के निर्देशों पर चिंकी ने अजमेर में अल-खादिम नाम के एक गेस्ट हाऊस में चड़त के लिए ठहरने का प्रबंध किया था। चड़त ने कबूला है कि लंडा ने चिंकी को करीब तीन से चार लाख रुपए भेजे हैं।
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि चड़त के एक अन्य साथी जिसकी पहचान सुनील कुमार उर्फ काला के तौर पर हुई है और जिसने चड़त सिंह को अमरीका स्थित जगरूप सिंह उर्फ रूप के निर्देशों पर ठिकाने मुहैया करवाये थे। उसे भी रोपड़ से गिरफ्तार कर लिया गया है।
ए के 56 बरामद, पनाह देने के आरोप में दो गिरफ्तार
