‘हिमाचल से नशा खत्म करने हेतु एंटी ड्रग एब्यूज इन्फोर्समेंट ऑथोरिटी का गठन होगा’
शिमला : अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के संयुक्त सचिव गोकुल बुटेल ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनते ही एंटी ड्रग एब्यूज इन्फोर्समेंट ऑथोरिटी (एडीईए) का गठन किया जाएगा। श्री बुटेल ने रविवार को कहा कि यह देश में अपनी तरह का स्वतंत्र प्राधिकरण होगा। इसमें मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, डीजीपी या अन्य कोई भी अधिकारी हस्तक्षेप नहीं कर सकेगा। उन्होंने यहां पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि इसकी कमान उच्च न्यायालय के सीटिंग न्यायाधीश या लोकायुक्त के हाथों होगी, जिस तरह से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक (डायरेक्टर) का कार्यकाल दो साल का होता है, उसी तरह इसके डारेक्टर का कार्यकाल भी दो साल का रहेगा।
पंजाब, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर में नशे के लिए जो टास्क फोर्स या एंडी ड्रग स्कैवड बनाई है, वे पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) या सरकार के अधीन है, लेकिन हिमाचल में गठित होने वाली यह ऑथोरिटी किसी के अधीन नहीं होगी। इसके सभी जिलों में दफ्तर खोले जाएंगे। कांग्रेस नेता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर नशे को रोकने में नाकाम होने के आरोप लगाए और कहा कि सरकार ने जो ड्रग कंट्रोल ब्यूरो बनाया है, वह निष्प्रभावी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जयराम सरकार ने नशे की इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए और चुनावों को आते देख इस साल फरवरी में सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर दी, लेकिन इसको भी लागू नहीं किया गया। पुलिस प्रशासन और हिमाचल के डीजीपी इसको लागू करने में कोताही बरत रहे हैं। जयराम सरकार इसको लागू नहीं करवा रही। उन्होंने जयराम सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि पांच साल में नशे को नियंत्रित करने के लिए अपनी राजनीतिक इच्छा शक्ति नहीं दिखाई।
श्री बुटेल ने पुलिस प्रशासन की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस साल भांग और अफीम की खेती नष्ट करने किए कोई कदम नहीं उठाए गए। अमूनन हर साल बरसात में पुलिस द्वारा इनकी खेती को नष्ट किया जाता है, लेकिन अबकी बार ऐसा नहीं किया। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। नशे का कारोबार बिना किसी संरक्षण के फैल नहीं सकता। उन्होंने कहा सवाल उठाया कि हिमाचल में आखिर कौन ड्रग माफिया को संरक्षण दे रहा है। प्रशासन के इजाजत के बिना नशा फैल नहीं सकता। कांग्रेस सरकार नशे के खात्मे के लिए राजनीतिक इच्छा शक्ति दिखाएगी ,ताकि युवा पीढ़ी से इससे बचाया जा सके।
