जैसलमेर : राजस्थान मेे जैसलमेर के देगराय ओरण में पिछले दिनों हाई टेंशन बिजली लाईन से टकराकर हुई राज्य पक्षी गोडावण की मौत की जांच में कई चौंकोने वाले खुलासे हुए है। जांच में सामने आया है कि जहां ओरण के आसपास कार्य कर रही विद्युत कंपनियों द्वारा उच्चतम न्यायालय के आदेशो की खुलेआम अवेहलना की जा रही हैं। जिस हाई टेंशन विद्युत वायरो के पोल के नीचे गोडावण का शव मिला था वहां पर कई इलाके में ना तो बर्ड डाईवेटर लगे हुये थे और कही लगे हुये थे तो वे बर्ड डाईवेटर क्षतिग्रस्त थे।
इसके अलावा आसपास की लाईनो में बर्ड डाईवेटर का नितांत अभाव था जो कि गोडावण के मौत का कारण बना था। इस गंभीर एवं चिंता वाले मसले को देखते हुवे डेजर्ट नेशनल पार्क के डिप्टी कनजरवेटर फोरेस्ट डॉ आशीष व्यास ने जिला उपवन संरक्षक एक पत्र लिखकर आग्रह किया हैं कि ओरण गोचर के आसपास निकल रही विद्युत वायरो पर लगे हुवें क्षतिग्रस्त बर्ड डाईवेटरो के स्थान पर नये डाईवेटर लगाये जाये और जहां नही लगे हैं वहां पर रिनुवल एनर्जी की विद्युत कंपनियों को पाबंद कराया जाये कि वहां पर बर्ड डाईवेटर तुरंत लगाया जाये।
गौरतलब हैं कि जिले में हाई टेंशन विद्युत वायरो से टकरा कर पिछले 3-4 सालो में करीब 7 गोडावण की मृत्यु हो चुकी हैं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में इन विद्युत वायरो को अंडरग्राउंड कराने एवं इनपर बर्ड डाईवेटर लगाने के लिए पी.आई.एल लगाई थी। इस मामले में उच्चतम न्यायालय ने 19 अप्रेल 2021 को निस्तारण करते हुये हाई टेंशन विद्युत वायरो पर बर्ड डाईवेटर लगाने व बिछाई जा रही नई विद्युत लाईनो को अंडरग्राउंड करने के आदेष जारी किये थे।
उच्च्तम न्यायायलय के आदेशों की अवहेलना के कारण हो रही है गोडावण की मौत
