मोरबी : गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने सोमवार को कहा कि राज्य के मोरबी शहर में मच्छु नदी पर झूलता पुल दुर्घटना मामले में पुल का काम संभालने वाली एक निजी एजेंसी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। श्री संघवी ने ट्वीट करके कहा है कि इस केबल ब्रिज का एक निजी एजेंसी काम संभालती थी। उस एजेंसी के खिलाफ राज्य सरकार ने मामला दर्ज कराया है। एजेंसी के खिलाफ धारा 304, 308, 114 के तहत आपराधिक मामले दर्ज किया गया है। गुजरात पुलिस ने भी निजी एजेंसियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और इसके प्रयास की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की पांच टीमें, वायुसेना और नौसेना की भी दो टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं। लोगों को नदी से निकालने के लिए नावों की मदद से बचाव कार्य किया जा रहा हैं। मौके पर आपातकालीन सेवा 108 और डॉक्टरों की टीम भी तैनात है। मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल ने एक हाईपावर कमेटी गठन किया है जो हादसे की पूरी जांच करेगी और सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी।
उल्लेखनीय है कि मोरबी शहर में मच्छु नदी पर झूलता पुल (केबल ब्रिज) टूटने से मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 134 हो गया है और अन्य सात घायल हो गए हैं। हादसे में मरने वालों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मे राजकोट से सांसद मोहन कुंडारिया के 12 रिश्तेदार भी शामिल हैं। घायलों का सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। पुल को 26 अक्टूबर को गुजराती नववर्ष दिवस पर आम लोगों के लिए खोला गया था। एक अधिकारी ने बताया कि पुल की मरम्मत का काम पूरा होने के बाद भले ही इसे खोल दिया गया था, लेकिन स्थानीय नगर निकाय की ओर से कोई फिटनेस प्रमाणपत्र जारी नहीं किया था।
गुजरात हादसा : केबल ब्रिज का काम संभालने वाली एजेंसी के खिलाफ मामला दर्ज
