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बलरामपुर: उतरौला उपद्रव में 17 साल बाद फैसला

41 दोषियों को पांच-पांच साल की सजा
बलरामपुर :
बलरामपुर में वर्ष 2005 में होली पर्व पर उतरौला में साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के मामले में अपर न्यायाधीश जहेन्द्र पाल सिंह ने 41 लोगों को पांच-पांच साल कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी को 14500 रुपए का जुर्माना भी अदा करना होगा। इनमें से एक व्यक्ति के न्यायालय न आने के कारण उसके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी कर कुर्की की कार्रवाई की गई है। न्यायालय के आदेश पर भाजपा नेता व पूर्व उतरौला नगर पालिका अध्यक्ष अनूपचंद गुप्ता सहित 40 लोग जेल में 20 अक्टूबर से ही निरुद्ध हैं।
शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार तिवारी ने बताया कि वर्ष 2005 को दिन में करीब एक बजे उतरौला में होली का जुलूस निकल रहा था। उसी दिन जुमे की नमाज भी थी। बड़ी मस्जिद के पास जुलूस पहुंचते ही दंगा भड़क गया। अराजक तत्वों ने माहौल को बिगाड़ने का पूरा प्रयास किया। दुकानें लूट ली गईं। आगजनी भी हुई।
उपद्रव रोकने की कोशिश मे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक बलराम सरोज की तहरीर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनूपचंद गुप्ता सहित 65 लोगों के खिलाफ कोतवाली उतरौला में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने विवेचना कर 64 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। एक आरोपी की विवेचना के दौरान मृत्यु हो गई। पांच आरोपियों की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई।
अभियोजन पक्ष की ओर से 15 गवाहों का बयान कराया गया, जिन्होंने घटना का समर्थन किया। बचाव पक्ष की ओर से उन्हें कम से कम सजा देने की बात कही गई। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने 41 लोगों को पांच-पांच साल साश्रम कारावास व प्रत्येक को 14500 रुपए जुर्माना अदा करने का आदेश न्यायालय ने दिया है। वहीं 18 लोगों के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर न्यायालय ने उन्हें दोष मुक्त कर दिया।

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