नई दिल्ली : उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने लोक सेवकों से अगले 25 वर्षों में ‘अमृत काल’ के दौरान भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि ‘न्यूनतम सरकार – अधिकतम शासन’ केवल एक नारा नहीं है, बल्कि समय की आवश्यकता है। श्री धनखड़ ने सोमवार को यहां भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) की 68वीं वार्षिक आम सभा की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का ‘मिशन कर्मयोगी एक ऐसा परिवेश बनाता है जो सरकार में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता का प्रयोग करने का अवसर देता है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ का आह्वान भारतीय सभ्यता के लोकाचार और भारतीय संविधान निर्माताओं के दृष्टिकोण को समाहित करता है। उन्होंने लोक सेवकों से इस विचार को हकीकत बनाने और सरकार के विकास के विचार को अंतिम व्यक्ति तक ले जाने की दिशा में काम करने को कहा।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह भी उपस्थित थे।
धनखड़ ने लोक सेवकों से भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का किया आह्वान
