बलरामपुर : उत्तर प्रदेश में बलरामपुर जिले के उतरौला कोतवाली क्षेत्र में 17 वर्ष पूर्व में हुये साम्प्रदायिक दंगे के मामले में स्थानीय अदालत ने दोषी ठहराये गये तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष सहित 41 अन्य को सोमवार को पांच-पांच साल के कारावास और 15-15 हजार के अर्थदंड की सजा सुनायी है। बलरामपुर के अपर जिला जज (फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम) न्यायाधीश जहेन्द्र पाल की अदालत ने सोमवार को इस मामले के 41 दोषियों को पांच-पांच साल के कारावास और 15-15 हजार के अर्थदंड की सजा सुनायी।
हाल ही में अदालत ने इस मामले के 41 आरोपियों को दंगा भड़काने का दोषी करार दिया था। यह जानकारी देते हुये अभियोजन पक्ष ने बताया कि दोषियों में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्त एवं अमरनाथ गुप्त भी शामिल है। सजा सुनाये गये दोषियों में दोनों समुदायों के लोग शामिल है। उन्होंने बताया कि सन 2005 में होली के दिन इलाके में हुये सांप्रदायिक दंगे में चार दर्जन से अधिक दुकानों में लूटपाट कर आगजनी की गयी थी।
उन्होंने बताया कि घटना में तत्कालीन एसडीएम आरके सिंह, सीओ आरके सोनकर, प्रभारी निरीक्षक बलराम सरोज समेत दर्जनों पुलिसकर्मियों व स्थानीय लोगों को गंभीर चोटें आयीं थी। दंगे को लेकर तत्कालीन कोतवाल की तहरीर पर उतरौला कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस सिलसिले में पुलिस द्वारा प्रस्तुत की गयी पत्रावलियों का विचारण कर न्यायालय ने अभियुक्तों को दोषी पाकर सजा दी।
