अगरतला। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी कांग्रेस के बीच बुधवार से सिपाहीजला जिले के बिशालगढ़ में तीसरे दिन भी तनाव जारी रहा और गुरुवार रात को एक और अन्य हिंसा की सूचना मिली। आधाकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
स्थानीय कम से कम पांच घरों में तोड़फोड़ की और कई विपक्षी समर्थकों पर हमला किया। इसी दौरान, पांच साल के बच्चे की मां को पुलिस ने पूरे दिन के लिए हिरासत में रखा। उसके पति चंद्र साहा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
पीड़ित महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने गुरुवार को उसके पति की तलाश में घर पर छापेमारी की थी और आरोप लगाया था कि वह भाजपा नेताओं पर हमले में शामिल था। उसे घर से अनुपस्थित पाकर पुलिस उसे थाने ले गई। घर पर उसका पांच साल को बच्चा अकेला था। पीड़िता ने आरोप लगाया कि पूरे दिन उसे हिरासत में रखा गया और पुरुष पुलिसकर्मी ने उसे अभद्र तरीके से प्रताड़ित किया।
पुलिस पर एक अन्य कांग्रेस नेता गौरंगा सरकार के परिवार के सदस्यों में महिलाओं के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया था, क्योंकि वह पुलिस छापे के दौरान घर में नहीं था।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक सुदीप रॉयबर्मन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी पार्टी के नेताओं को बिशालगढ़ में लगातार परेशान किया जा रहा है और उऩ पर दबाव बनाया जा रहा है कि अगर वे शांति से रहना चाहते हैं तो कांग्रेस से अलग हों।
विपक्षी माकपा और कांग्रेस दोनों ने शुक्रवार को त्रिपुरा पुलिस के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाई और आरोप लगाया कि अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) दास के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों का एक समूह भाजपा के लिए खुले तौर पर काम कर रहा है और पुलिस के सामने विपक्षी समर्थकों पर हमला किया गया। उन्होंने राहुल दास को तत्काल हटाने की मांग की और पुलिस महानिदेशक से पुलिस की निष्पक्ष भूमिका सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
त्रिपुरा : हिंसा के तीसरे दिन भी तनाव जारी
