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यूपी में डेंगू के मामले 8 हजार पार

:लखनऊ में 40 नए केस, घर-घर जाकर जागरूक करेंगे कर्मचारी
लखनऊ। यूपी में डेंगू संक्रमितों की संख्या 8 हजार के पार हो चुकी हैं। वही, मरने वालों का आकंड़ा भी 10 हो चुका हैं। इस बीच लखनऊ में शनिवार को 40 लोग डेंगू की जद में आ गए हैं।
सबसे ज्यादा 6 मरीज आलमबाग में डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। अब तक यहां 150 से अधिक लोग डेंगू की जद में आ चुके हैं। अलीगंज, सिल्वर जुबली, चिनहट, इन्दिरानगर, रेडक्रास, एनके रोड ओर ऐशबाग में चार-चार लोग डेंगू की गिरफ्त में हैं। टूड़ियागंज, बीकेटी में 3-3 लोग डेंगू की चपेट में हैं। इस बीच शहरी आबादी के 2109 घरों में मच्छरों के खिलाफ अभियान चलाया। 7 घरों में डेंगू मच्छर के लार्वा पनपते मिले। भवन स्वामियों को नोटिस जारी की गई है।
जागरूकता अभियान पर होगा फोकस
आलमबाग, चन्दरनगर गेट के पास रविवार सुबह सात बजे डेंगू-मलेरिया के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इसमें मंडलायुक्त, नगर आयुक्त और सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल शिरकत करेंगे। घरों में जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। इस दौरान एंटीलार्वा का छिड़काव और फॉगिंग होगी। घर-घर जाकर बुखार पीड़ितों की स्क्रीनिंग भी की जाएगी।
छावनी में डेंगू-बुखार मरीज बढ़े
छावनी कैंट में डेंगू का प्रकोप बढ़ रहा है। सदर के पिगरी, हाता जवाहर सिंह समेत अन्य इलाकों में बुखार पीड़ितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बुखार पीड़ित कैंटोनमेंट जनरल हॉस्पिटल के साथ मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। तीन-चार दिन से सदर की विभिन्न बस्तियों सहित तोपखाना, रजमन, मोहनगंज, छोटी, बड़ी लाल कुर्ती, कसाईबाड़ा और हाता रामदास में भी बुखार पीड़ितों की संख्या बढ़ने लगी है। छावनी के लोग इस बात को लेकर भयभीत हैं।
अस्पतालों में बुखार के मरीज बढ़े
सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पतालों में डेंगू के साथ बुखार के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। सरकारी अस्पतालों में 600 से अधिक बुखार पीड़ित भर्ती हैं। जबकि शहर के चुनिंदा प्राइवेट अस्पतालों में 200 से अधिक डेंगू व बुखार के मरीज भर्ती हैं।
प्लेटलेट्स की मांग बढ़ी
डेंगू के प्रकोप के मद्देनजर प्लेटलेट्स की मांग में इजाफा हो रहा है। सरकारी अस्पतालों में सामान्य दिनों के मुकाबले प्लेटलेट्स की मांग बढ़ गई है। रोजाना सरकारी अस्पतालों में तकरीबन 325 से 350 पहुंच गई है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि ब्लड बैंकों में पर्याप्त प्लेटलेट्स है। एसडीपी भी पीजीआई, केजीएमयू और लोहिया संस्थान में हो रही है। एक 12 से अधिक निजी संस्थानों में एसडीपी की सुविधा है।

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