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इंजीनियर से ठगे 9.55 लाख

युवक को ड्रग और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में संदिग्ध बताते हुए ठगी का शिकार बनाया
नोएडा। साइबर ठगों द्वारा खुद को मुबंई कस्टम विभाग के अधिकारी बताकर शहर के एक इंजीनियर से 9.55 लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने युवक को उसके नाम से भेजे गए पार्सल में ड्रग और विदेशी मुद्रा पकड़े जाने का झांसा देकर अपना शिकार बनाया है। फिलहाल मामले में शिकायत के आधार पर सेक्टर-58 कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी व आईटीएक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। मामले में दो नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है, जिनके बारे में पता लगाया जा रहा है।
पीड़ित रिचर्ड मार्टिन सेक्टर-62 रजत विहार में रहते हैं, वह शहर की एक कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर हैं। रिचर्ड ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके फोन पर लैंड लाइन नंबर से कॉल आया। कॉल पर उनकी दो लोगों से बात हुई। आरोपियों ने उनका नाम उदय शिरसत और राजेश वागले बताया। आरोपियों ने इंजीनियर को कॉल कर कहा कि वह मुबंई कस्टम विभाग में अफसर हैं। उनके पास विदेश से एक पार्सल आया है, जिसमें विदेशी मुद्रा और ड्रग हैं। साथ ही एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो उन्हें जानता है। इसके लिए उन्हें पूछताछ के लिए मुंबई बुलाया जा सकता है। पीड़ित को डारने के लिए आरोपियों ने कहा कि इसके लिए उनके नाम से समन भी जारी कर दिया गया है। साथ ही आरोपियों ने पीड़ित को कुछ बैंक डिटेल्स भेजी। कहा कि इस खाते में 9.55 लाख रुपए भेज दें, यह खाता आरबीआई का गुप्त मनी लॉन्ड्रिंग सत्यापन खाता है। यदि निर्दोष होंगे, तो 20 मिनट में सत्यापन के बाद पूरी रकम वापस कर दी जाएगी। अगले दिन आरोपियों ने पीड़ित को दोबारा कॉल किया, कहा कि उनके परिवार को खतरा हैं, उनके ऊपर ड्रग तस्करी का जो चार्ज लगा है, वह उसे हटवा देंगे। उसने पीड़ित से दो बार ट्रांजेक्शन कराकर करीब 9.55 लाख रुपए ले लिए। इसके बाद आरोपी पीड़ित को डराकर और रुपए का दबाव बनाने लगे, उनकी मांग को बढ़ते देख युवक को ठगी की जानकारी हुई। पीड़ित ने बताया आरोपियों को दिया गया पैसा उनके कई वर्षों की बचत थी। सेक्टर 58 कोतवाली प्रभारी विवेक त्रिवेदी ने बताया मामले में नामजद रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। मामले को जांच के लिए साइबर सेल के पास भेज दिया गया है।

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