भुवनेश्वर : ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गुरुवार को कहा कि उनका राज्य दिसंबर 2023 तक झुग्गी मुक्त हो जाएगा और सभी झुग्गियों का विकास मॉडल कॉलोनियों के रूप में किया जाएगा। श्री पटनायक ने राज्य के झुग्गीवासियों को भूमि अधिकार देने के लिए एक कार्यक्रम की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य के पांच नगर निगमों में ड्रोन सर्वेक्षण शुरू किए गए हैं। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री की उपस्थिति में जागा मिशन और टाटा स्टील फाउंडेशन के बीच एक समझौता पर हस्ताक्षर किया गया और इसमें टाटा स्टील फाउंडेशन तकनीकी सहायता प्रदान करेगा।
श्री पटनायक ने 33 शहरी क्षेत्रों में 707 मॉडल कॉलोनियां समर्पित करते हुए हिंजिलिकातु और दिगापहांडी को झुग्गी मुक्त घोषित किया और कहा कि बीजू मॉडल कॉलोनियां विकसित की जा रही है, जो झुग्गीवासियों को भूमि अधिकार देने के साथ-साथ बुनियादी सुविधाएं भी प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई जागा मिशन कार्यक्रम को वैश्विक रूप से सराहना मिल रही है और इस नए आइडिया को केंद्र सरकार से पुरस्कार भी मिला है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत अबतक 105 शहरी क्षेत्रों के 1.7 लाख परिवारों को भूमि अधिकार प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने दिसंबर 2023 तक 2.5 लाख झुग्गी परिवारों को भूमि अधिकार प्रदान करने की घोषणा की।
श्री पटनायक ने 2017 में शुरू की गई जागा मिशन को एक आध्यात्मिक यात्रा की संज्ञा दी और कहा कि यह हमें अपार सफलता और संतुष्टि प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि यह अध्यात्मिक यात्रा तबतक चलेगी जबतक 17 लाख झुग्गीवासियों के जीवन में दीर्घकालीन खुशियां नहीं आती है। श्री पटनायक ने कहा कि बीजू मॉडल कॉलोनियों का प्रबंधन झुग्गी विकास संघ करेगा। शहरी स्थानीय निकायों की धनराशि का 25 प्रतिशत उपयोग झुग्गी बस्तियों के विकास के लिए किया जाएगा।
ओडिशा 2023 तक होगा झुग्गी मुक्त
