आग लगने से 4 लोगों की हो गई थी मौत, जांच में पता चला कि बिना नक्शा पास कराए ही बन गया होटल
लखनऊ : दो महीने बाद सही लिवाना होटल को गिराने का आदेश जारी कर दिया गया है। लखनऊ विकास प्राधिकारण के विहिप अधिकारी ने 9 दिसंबर को होटल गिराने का आदेश जारी कर दिया गया है। विहिप अधिकारी के आदेश में कहा गया है कि होटल मालिक की तरफ से कोई ऐसा साक्ष्य नहीं दिया गया, जिसकी वजह से यह आदेश जारी किया गया है।
इससे पहले यहां दो सितंबर को आग लगने की वजह से चार लोगों की मौत हो गई थी। उसके अलावा 19 लोग घायल हो गए थे। यहां सुबह 7 बजे होटल लेवाना की तीसरी मंजिल पर भीषण आग लग गई थी। 24 लोगों को होटल से रेस्क्यू किया गया। करीब 9 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। हादसे के वक्त होटल में करीब 30 लोग मौजूद थे।
नक्शा पास नहीं बन गया होटल
यहां होटल का नक्शा पास नहीं था। इसको लेकर एलडीए की तरफ से केवल नोटिस देने की कार्रवाई की गई थी। यहां तक की लिवाना के मालिक का जनपथ स्थित होटल का नक्शा भी पास नहीं था। आग इतनी बड़ी थी कि मरीजों से मिलने के लिए सीएम योगी और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी पहुंचे थे। उन्होंने मौके पर ही हादसे की जांच के आदेश दिए थें। इसके बाद होटल को सील कर दिया गया है। जांच में पता चला कि होटल लेवाना बिना नक्शा पास कराए चल रहा था।
कमिश्नर ने दिया ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था
कमिश्नर रोशन जैकब ने होटल के ध्वस्तीकरण का आदेश दिया है। साथ ही पुलिस ने होटल के मालिक राहुल अग्रवाल, रोहित अग्रवाल और त्ररू सागर श्रीवास्तव को हिरासत में लिया है। अग्निकांड के चारों मृतकों गुरनूर आनंद, साहिबा कौर, बॉबी उर्फ अमन गाजी ?और सरविका सिंह के परिवार वालों ने भी होटल मालिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
9 दिसंबर को गिरेगा लिवाना होटल
