चंडीगढ़ : पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने जालंधर जिले के थाना सदर नकोदर के एसएचओ रहे सब- इंस्पेक्टर बिसमन सिंह, सी.आई.ए में तैनात सहायक सब-इंस्पेक्टर (ए.एस.आई.) रेशम सिंह और एक निजी व्यक्ति सुरजीत सिंह को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ़्तार किया है।
ब्यूरो के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि उक्त सभी पुलिसकर्मियों को रूपनगर जिले के रामपुर ठोडा गांव के हरजिन्दर कुमार की शिकायत पर गिरफ़्तार किया गया है। शिकायतकर्ता ने ब्यूरो को शिकायत दी थी कि उक्त सब-इंस्पेक्टर बिसमन सिंह ने एसएचओ रहते उसके भाई को होशियारपुर से उसके ट्रक समेत गाड़ी में भुक्की की बरामदगी दिखाकर झूठे केस में गिरफ़्तार किया था।
शिकायतकर्ता ने बताया कि सम्बन्धित एसएचओ बिसमन सिंह ने उस समय पर एएसआई रेशम सिंह और एक निजी व्यक्ति सुरजीत सिंह के जरिये उसके भाई और श्रीनगर से लादा हुआ उसका ट्रक छुड़ाने के लिए 11 लाख रुपए पहले ही किस्तों में हासिल कर लिए। आरोपी सब-इंस्पेक्टर का बेशक पुलिस लाइन जालंधर में तबादला हो चुका है लेकिन वह अपने उपरोक्त दो मध्यस्थों के जरिये इस पुलिस केस में उसकी मदद करने के लिए उससे और पैसों की माँग कर रहा
है। ब्यूरो की टीम ने उपरोक्त सब-इंस्पेक्टर बिसमन सिंह, ए.एस.आई रेशम सिंह और प्राइवेट व्यक्ति सुरजीत सिंह को शिकायतकर्ता से एक रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया। प्रवक्ता ने बताया कि सभी दोषियों के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 7-ए और आई.पी.सी. की 120-बी के तहत ब्यूरो के मोहाली थाने में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
