चंडीगढ़ : हरियाणा की फरीदाबाद निवासी महिला से एटीएम के माध्यम से साढ़े पांच लाख से अधिक की ठगी करने वाले दो ठगों को पुलिस ने दो साल के बाद धर दबोचा है। पुलिस प्रवक्ता ने शनिवार को यहां बताया कि ठगों की शिनाख्त पलवल निवासी गोवर्धन और कृष्ण के रूप में की गई है। इनमें से गोवर्धन के कब्जे से 92500 रुपये भी बरामद किये गये हैं। उस पर राज्य के अन्य जिलों में भी करीब 12 मामले दर्ज हैं। उसने पलवल में 71000 रुपए और 45000 रुपये की ठगी की वारदातें भी कबूल की हैं।
शिकायतकर्ता महिला ने पुलिस को बताया कि वह 27 दिसम्बर 2020 को एटीएम से पैसे निकालने गई थी। इस दौरान एटीएम कार्ड मशीन में फंस गया और रुपये भी नहीं निकले। एटीएम बूथ के बाहर खड़े तीन लोग उसके पास आए और मदद की पेशकश की। आरोपियों ने एटीएम कार्ड निकाल कर उसे दे दिया और बताया कि उसके खाते में पैसे नहीं है। महिला एटीएम लेकर घर लौट आई। करीब 15 दिन बाद जब वह बैंक पासबुक में एंट्री कराने गई तो पता चला कि उसके खाते से क़रीब 5,55,684 रुपये निकाले गए थे। पुलिस ने इस पर मामला तो दर्ज कर लिया लेकिन जांच में आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिलने पर इसे अनट्रेस घोषित कर दिया।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ओ पी सिंह ने इस मामले की पुन: करने की ज़िम्मेदारी फरीदाबाद यूनिट को सौंपी, जहाँ उप निरीक्षक शीतल शर्मा और उसकी टीम ने इस पर काम करना शुरू किया। जांच टीम ने पीड़िता से भी बातचीत की और उसके बयानों के आधार पर एटीएम ठगी के 2017 से लेकर सभी मामलों के आरोपियों तथा पैसे कहां और किन खातों में स्थानांतरित हुये यह पता लगाना शुरू किया। बैंक से भी इस बाबत जानकारी हासिल की गई। पुलिस फुटेज और बैंक रिकार्ड के आधार पर गोवर्धन तक जांच जा पहुंची। घर पर न मिलने पर पुलिस ने उसकी पत्नी और पिता से पूछताछ की।
पता चला कि गोवर्धन पहले भी एटीएम ठगी में जेल जा चुका है और इस समय ज़मानत पर बाहर है। दबिश के बाद जांच टीम ने उसे आखिर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने यह वारदात अपने अन्य साथी लच्छी उर्फ़ लक्ष्मण और कृष्ण के साथ मिलकर करने का खुलासा किया। इनमें से कृष्ण फरीदाबाद जेल में बंद था। पुलिस ने उसे भी पेशी वारंट पर गिरफ्तार कर लिया है और लक्ष्मण की तलाश कर रही है। जांच टीम को कृष्ण के घर से 17000 रुपये भी बरामद हुये।
