मेंगलुरु : कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने बुधवार को कहा कि मेंगलुरु विस्फोट की जांच को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से कराने के बारे में अगले दो दिनों में फैसला ले लिया जाएगा। कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रवीण सूद के साथ विस्फोट स्थल का दौरा करने के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “इस संबंध में अगले दो दिनों में फैसला लिया जाएगा।” उन्होंने अस्पताल जाकर घायल ऑटोरिक्शा चालक पुरुषोत्तम पुजारी से भी मुलाकात की।
श्री ज्ञानेंद्र ने कहा कि आरोपी शारिक हिंदू नाम के पहचान पत्र का इस्तेमाल कर रहा था और बार-बार ठिकाना बदल रहा था। उन्होंने कहा, “आरोपी ने मदुरै, कोयम्बटूर, नागरकोइल, कन्याकुमारी और कोच्चि की यात्रा की।” उन्होंने कहा कि शारिक मंगलुरु भित्तिचित्र मामले में भी आरोपी है और उसे कर्नाटक उच्च न्यायालय ने जमानत दे दी थी और उसके बाद वह पुलिस के रडार से बाहर हो गया था। शारिक बार-बार ठिकाना बदल रहा था और पड़ोसी राज्यों की यात्रा कर रहा था।
उन्होंने कहा कि घायल ऑटोरिक्शा चालक पुरुषोत्तम पुजारी के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा,“मैं इस बारे में मुख्यमंत्री से बात करूंगा।” श्री ज्ञानेंद्र ने पुजारी को व्यक्तिगत मुआवजे के रूप में 50,000 रुपये का चेक भी सौंपा। उन्होंने कहा कि आरोपी स्थानीय रूप से उपलब्ध वस्तुओं का उपयोग करके बम बनाने में माहिर है। उन्होंने कहा,“हमने मेंगलुरु में एनआईए का एक कार्यालय शुरू करने के लिए भी केंद्र से अपील की है।”
वहीं श्री सूद ने कहा कि मामला एनआईए को सौंपे जाने तक पुलिस अपनी जांच जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि शारिक के पूरी तरह से ठीक होने के बाद पुलिस को मामले में कुछ और सुराग मिलेंगे। उन्होंने कहा कि शारिक का उद्देश्य सांप्रदायिक सद्भाव को भंग करना और देश को अस्थिर करना था।
मेंगलुरु विस्फोट : दो दिन में होगा फैसला
