भुवनेश्वर : ओडिशा विधानसभा में शुक्रवार को किसानों के मुद्दों पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जमकर हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही बिना किसी कामकाज के पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी। विस अध्यक्ष बी. के. अरुख ने हंगामे के कारण सदन को चार बार स्थगित किया और गतिरोध को दूर करने के लिए सर्वदलीय बैठक भी बुलाई, लेकिन सब व्यर्थ गया। अध्यक्ष ने आखिरकार सदन की कार्यवाही शनिवार साढ़े दस बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
विधानसभा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) विधायकों ने गांधी प्रतिमा के पास धरना दिया। वहीं, विपक्षी सदस्यों ने अपनी मांगों के समर्थन में गोपबंधु प्रतिमा के पास धरना दिया। विपक्षी दल भाजपा और सत्तारूढ़ दल बीजद दोनों के ही विधायक अलग-अलग जुलूस में राज्यपाल भवन पहुंचे और किसानों की दुर्दशा को उजागर करते हुए राज्यपाल प्रोफेसर गणेशी लाल को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस और भाजपा के सदस्यों ने किसानों के लिए इनपुट सब्सिडी जारी करने में देरी, मंडी की समस्याओं और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा जारी नहीं करने के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, सत्तारूढ़ बीजद सदस्य धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि नहीं करने के लिए केंद्र पर हमला बोला और मांग की कि धान के लिए एमएसपी बढ़ाकर 2930 रुपये प्रति क्विंटल किया जाना चाहिए।
सदन में प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू करने के लिए पूर्वाह्न 10.30 बजे विस अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों को सवाल उठाने के लिए बुलाया, लेकिन कांग्रेस और भाजपा के सदस्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए और कामकाज बाधित कर दिया। वहीं, धान के लिए एमएसपी बढ़ाने की मांग को लेकर सत्ता पक्ष के सदस्य भी सदन के वेल में आ गए। इसके बाद सदन की स्थिति अराजक होते देख विस अध्यक्ष अरुख ने सदन को 10:31 बजे 11:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
विपक्ष के साथ-साथ ट्रेजरी बेंच के सदस्यों के विरोध के कारण सदन को 11.30 बजे फिर से अध्यक्ष द्वारा शाम चार बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। फिर जब शाम चार बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो विपक्षी भाजपा और कांग्रेस के सदस्य फिर से वेल में आ गए और सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे।
विस अध्यक्ष ने इसके बाद सदन को 16.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया और गतिरोध को दूर करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक में हालांकि कोई निर्णय नहीं लिया जा सका, जिसके कारण अध्यक्ष को सदन को शनिवार को 10.30 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
किसानों के मुद्दे पर ओडिशा विस में हंगामा
