नैनीताल : उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने देहरादून के विकासनगर में पेड़ों की अवैध कटाई के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रमुख वन संरक्षक को जांच कर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। साथ ही न्यायालय ने दोषी वनाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिया है।
श्री राकेश तोमर की ओर दायर याचिका पर सुनवाई मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी तथा न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की युगलपीठ ने की। याचिकाकर्ता की ओर सेकहा गया कि विकासनगर में भूमि समतलीकरण के नाम पर काफी संख्या में साल के पेड़ों की कटाई की गई है। लगभग 174 पेड़ काटे गये हैं।
याचिकाकर्ता की ओर से मौके की तस्वीरें भी न्यायालय में पेश की गयी, जिसे न्यायालय ने रिकार्ड में ले ली। साथ ही न्यायालय ने बेहद सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि पेड़ों का इतने बड़े पैमाने पर अवैध रूप से कटाई बिना वन एवं राजस्व विभाग की मिलीभगत के संभव नहीं है। न्यायालय ने इस बात पर भी नाराजगी जताई की कि प्रमुख वन संरक्षक की ओर से पेश जवाबी हलफनामा में इसका उल्लेख नहीं किया गया है कि दोषी लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गयी है।
पेड़ों की अवैध कटाई के मामले में न्यायालय ने मांगी रिपोर्ट
