तमिलनाडु के अस्पताल का मामला; 2007 से 2011 तक के मरीजों की डिटेल चोरी
चेन्नई : तमिलनाडु के श्री सरन मेडिकल सेंटर के 1.5 लाख मरीजों का पर्सनल डेटा हैकर्स ने ऑनलाइन बेच दिया। इस डेटा ब्रीच की जानकारी साइबर खतरों पर नजर रखने वाली कंपनी क्लाउडसेक ने दी। कंपनी के मुताबिक, मरीजों का पर्सनल डेटा साइबर क्राइम फोरम और एक टेलीग्राम चैनल पर बेचा गया है। यह निजी डेटा थर्ड-पार्टी वेंडर थ्री क्यूब आईटी लैब से हासिल किया गया था और इसमें 2007 से 2011 तक के मरीजों की जानकारी शामिल है।
हैकर्स ने डेटा के संभावित खरीदारों के लिए डेटा का सैंपल शेयर किया, ताकि डेटा की प्रमाणिकता की जांच की जा सके। लीक हुए डेटा में मरीजों का नाम, डेट ऑफ बर्थ, एड्रेस, देखरेख करने वालों के नाम और डॉक्टरों की डिटेल शामिल हैं।
23 नवंबर से हैक है एम्स दिल्ली का सर्वर
देश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल दिल्ली एम्स का सर्वर 23 नवंबर सुबह करीब 7 बजे से डाउन है। सर्वर हैक करने वालों ने 200 करोड़ रुपए की डिमांड की है। हैकर्स ने पेमेंट क्रिप्टोकरेंसी में करने को कहा है। न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से यह दावा किया था। हालांकि दिल्ली पुलिस ने किसी तरह की फिरौती मांगे जाने की बात से इनकार किया है।
हैकिंग के पीछे चीनी हैकर्स का हाथ
मामले की जांच कर रहे अधिकारियो ने हैकिंग के पीछे चीन का हाथ होने की बात कही है। बताया गया है कि एम्स के 5 सर्वर हैक किए गए थे। आईएफएसओ के मुताबिक, हैकिंग के दौरान पर्सनल डेटा भी लीक हुआ है। ये डेटा डार्क वेब के मेन डोमेन पर भी होने की संभावना है। इससे भारत के वीवीआईपी सहित लाखों मरीजों के सीक्रेट डेटा लीक होने की आशंका बढ़ गई है। हालांकि, अधिकारी इस बात से इनकार कर रहे हैं कि किसी भी डेटा से समझौता किया गया है।
हैकर्स ने ऑनलाइन बेचा 1.5 लाख मरीजों का डेटा
