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श्रीराम फाइनेंस कारोबार का दायरा बढ़ाएगी

मुंबई : सरकारी पूंजीगत व्यय में भारी वृद्धि और व बाजार में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) की बढ़ती भूमिका तथा उनकी वित्तीय आवश्यकताओं से उत्पन्न अवसरों को देखते हुए देश के एक प्रमुख गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी ) समूह श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड (एसएफएल) ने सोमवार को घोषणा की कि वह विभिन्न क्षेत्रों में अपने ऋण कारोबार का विस्तार करेगा।
अपनी इसी योजना के तहत समूह एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम) क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने और अगले तीन-चार वर्षों में अपने गैर-वाणिज्यिक वाहन खंड को बड़े पैमाने पर विकसित करने की योजना बना रहा है। कंपनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष उमेश रेवांकर ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, “एसएफएल आगे आने वाले समय के लिए स्व-रोजगार और लघु इकाइयों पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति पर विशेष ध्यान दे रही है। हम इन दो क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना चाहेंगे।”
समूह के विविध व्यावसायिक खंडों को दिए गए कर्ज में लघु एवं मझोले उद्यम क्षेत्र को दिए जाने वाले कर्ज का हिस्सा इस समय 11.5 प्रतिशत है। श्रीराम फाइनेंस के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी वाईएस चक्रवर्ती ने कहा, “ हमारे ऋण कारोबार में इस समय कुल वाहन वित्त (वाणिज्यिक और यात्री वाहन) कहा हिस्सा वर्तमान में 77.5 प्रतिशत है। हमारा लक्ष्य है कि अगले 3-4 वर्षों में वाहन और गैर-वाहन ऋण कारोबार के बीच अनुपात 66:40 तक हो जाए।”
श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी और श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस के विलय से बनी एनबीएफसी इस समय 1.71 लाख करोड़ रुपये की सम्पत्ति का प्रबंध कर रही है। कंपनी द्वारा दी गयी आधिकारिक जानकारी के अनुसार विलय से बनी इकाई की कुल निवल संपत्ति 40,900 करोड़ रुपये है। कंपनी के वाइस चेयरमैन रेवनकर ने कहा कि कंपनी कारोबारी आय में 15 फीसदी और लाभ में 10 फीसदी की वृद्धि के लक्ष्य की दिशा में बढ रही है। उन्होंने कहा, “हमें लगता है कि अनिश्चितताएं अब कम हैं और अर्थव्यवस्था ठीक हो रही है और बढ़ रही है।”
कंपनी रेटिंग एजेंसियों से अपनी वित्तीय रेटिंग अपग्रेड की मांग करने के लिए तैयार है। श्रीराम फाइनेंस के सीएफओ और पूर्णकालिक निदेशक पराग शर्मा ने इस बार में कहा, “संपत्ति में विविधता के साथ हम रेटिंग एजेंसियों को रेटिंग संशोधन के लिए प्रभावित कर सकते हैं, जिसमें एक या दो तिमाहियों का समय लग सकता है।”
श्रीराम फाइनेंस समूह की वाणिज्यक वाहन ऋण कंपनी श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी और दुपहिया ऋण और छोटी-मझोली इकाइयों को ऋण देने वाली सबसे बड़ी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंसलघु का आपस में विलय इस क्षेत्र में एक बड़ी घटना के रूप में देखा जा रहा है। सम्मिलित इकाई देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगभग 67 लाख ग्राहकों को सेवा प्रदान करती है।
श्री चक्रवर्ती ने कहा , “विलय का समय शानदार है। जैसे-जैसे भारत बढ़ रहा है, हम एमएसएमई के बीच क्रेडिट की मजबूत मांग देख रहे हैं। हम हमेशा अपनी 3600 से अधिक स्थानों पर उपस्थिति के साथ बाजार के करीब हैं। हम अपने सभी व्यावसायिक खंडों – वाणिज्यिक वाहन तथा एमएसएमई के लिए कर्ज, व्यक्तिगत ऋण, स्वर्ण ऋण, या वाहन ऋण कारोबार के विस्तार के लिए तैयार हैं।”
इस बीच, श्रीराम फाइनेंस ने पूर्व आईएएस अधिकारी जुगल किशोर महापात्रा को कंपनी का अध्यक्ष और माया सिन्हा को स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करने की भी घोषणा की है।

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