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वेटलिफ्टिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में चानू ने जीता सिल्वर मेडल

ओलिंपिक चैंपियन को पीछे छोड़ा; उठाया 200 किलो वेट
कोलंबिया। भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कलाई की चोट की वजह से गोल्ड से चूक गईं। कोलंबिया में हो रहे वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में चानू अपना बेस्ट नहीं दे पाईं। चानू 49 किलो वेट कैटेगिरी में 200 किलो वेट उठाकर दूसरे स्थान पर रहीं।
वे स्नैच में 87 किलो और क्लीन एंड जर्क में 113 किलो वेट ही उठा पाईं। चीन की जियांग हुइहुआ ने 206 किलो वेट उठाकर गोल्ड जीता। जियांग ने स्नैच में 83 किलो वेट और क्लीन एंड जर्क में 113 किलो वेट को उठाया। टोक्यो ओलिंपिक की गोल्ड मेडलिस्ट होउ झिहुआ ने 198 किलो वेट (89 किग्रा+109 किग्रा) उठाकर ब्रॉन्ज मेडल जीता।
कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद यह बड़ा टूर्नामेंट
कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने के बाद मीराबाई चानू पहली बार किसी बड़े टूर्नामेंट में भाग लिया। चानू का स्नैच सेशन काफी खराब रहा। उन्होंने पहले चांस में 84 किलो वेट उठाया। दूसरे चांस में उठाए गए 87 किलोवेट को असफल माना गया। हालांकि, भारत की ओर से इसे चैलेंज नहीं किया गया। जजों का मानना था कि दूसरे चांस में 87 किलो वेट उठाते वक्त उनका हाथ डगमगा गया था। ऐसे में मीरा ने तीसरे चांस में 90 किलो वेट की जगह 87 किलो वेट ही उठाया।
क्लीन एंड जर्क में उन्होंने पहले चांस में 111 किलो वेट उठाया। पर इसे सही नहीं माना गया। भारत की ओर से चैलेंज किया गया था, पर फैसला बरकरार रहा। उन्होंने दूसरे चांस में 111 और तीसरे चांस में 113 वेट उठाया। उन्हें स्नैच कैटेगिरी में सिल्वर मेडल मिला, जबकि क्लीन एंड जर्क में गोल्ड। वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल दोनों इवेंट के अलग-अलग के साथ ही ओवरऑल के भी दिए जाते हैं, जबकि ओलिंपिक में केवल ओवरऑल के मेडल मिलते हैं।

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