अलवर : राजस्थान में अलवर जिले के सरिस्का बाघ अभ्यारण में 8 साल बाद वन्य जीव चौसिंगा की उपस्थिति दर्ज की गई।
सरिस्का टाइगर रिजर्व के लिए यह शुभ संकेत है। इससे पहले वर्ष 2014 में अंतिम बार यह वन्यजीव देखा गया था। दुर्लभ प्रजाति का यह वन्यजीव सरिस्का में दिखाई देने के बाद अब इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है। यह वन्यजीव कैमरा ट्रैप के दौरान दिखाई दिया।
सरिस्का के उप वन संरक्षक डीपी जागावत ने बताया कि चौसिंगा वन्यजीव की संख्या एक से अधिक हो सकती है इसके लिए और कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा जो भी सरिस्का में कैमरे लगे हुए हैं उनका भी परीक्षण किया जा रहा है कि यहां यह चोसिंगा वन्यजीव कितने हैं। उन्होंने बताया कि यह वन्यजीव रोटकेला जंगल में दिखाई दिया। रॉटकेला गांव का पूर्व में विस्थापन हो चुका है और गांव के विस्थापन के बाद उस इलाके में यह वन्यजीव दिखाई दिया है। उन्होंने बताया कि अंतिम बार जब 2014 में ही देखा गया था जब भी इसकी संख्या 1- 2 ही थी। अब इसके संरक्षण के प्रयास किए जा रहे हैं इसके लिए सरिस्का टीम को मॉनिटरिंग के लिए लगाया गया है।
श्री जागावत ने बताया कि यह वन्यजीव व्यस्क है इसके पीछे के दो सींग बड़े होते हैं और आगे के दो सींग छोटे होते हैं। इससे इसकी पहचान होती है। गत 26 नवंबर और 30 नवंबर को कैमरा ट्रैप पद्धति के माध्यम से इसको देखा गया। उन्होंने बताया कि वन्यजीवों के संरक्षण के लिए यहां गांव का विस्थापन जरूरी है और सरिस्का प्रशासन का प्रयास है कि शीघ्र ही यहां के गांव का विस्थापन किया जाए इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
सरिस्का में 8 साल बाद दिखाई दिया चौसिंगा
