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कांग्रेस ने बदला राज, बनाएगी सरकार

शिमला : हिमाचल प्रदेश की 68 सदस्यीय विधानसभा चुनावों की गुरुवार को हुई मतगणना के बाद कांग्रेस ने 40 सीटों पर जीत दर्ज कर राज्य में अपनी सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है जबकि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 26 सीटों पर सिमट गई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सिराज सीट से और उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर जसवां से चुनाव जीते हैं जबकि सरकार के आठ मंत्रियों को हार का मुंह देखना पड़ा है। श्री ठाकुर ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है और वह नया मुख्यमंत्री बनने तक इस पद पर बने रहेंगे।

कैबिनेट मंत्री सरवीन चौधरी, सुरेश भारद्वाज, राजेंद्र गर्ग, डॉ.राजीव सैजल रामलाल मारकंडा, वीरेंद्र कंवर, पार्टी के दिग्गज नेता और रणनीतिकार डॉ.राजीव बिंदल चुनाव हार गए हैं। तीन सीटों पर भाजपा के बागी हमीरपुर से आशीष शर्मा, नालागढ़ से के एल ठाकुर और देहरा से होशियार सिंह चुनाव जीत चुके हैं। सभी सीटों पर चुनाव लड़ने वाली आम आदमी पार्टी (आप) को मतदाताओं ने पूर्णतया नकार दिया है।
कांग्रेस विधायक दल और विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री हरोली से, शिमला ग्रामीण से विक्रमादित्य, ज्वालामुखी से संजय रत्न, गगरेट से चैतन्य शर्मा, धर्मशाला से सुधीर शर्मा, ठियोग से पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर, नदौन से सुखविंदर सुक्खू सरीखे पार्टी के दिग्गज चुनाव जीत गये।
इस बीच, पार्टी की चुनाव में जीत के बाद इसके प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला शिमला पहुंच चुके हैं। पार्टी के जीते हुए विधायक में कोई टूट न हो, इसलिए इन्हें राज्य से बाहर और सम्भत: राजस्थान ले जाने पर भी विचार किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि वह पार्टी की जीत को लेकर पहले से आशान्वित थीं। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस कम से कम 40 सीटें जीतेगी। मुख्यमंत्री कौन होगा, इस सवाल पर उन्होंने कहा इस पर हाईकमान से विचार-विमर्श कर तय किया जाएगा। उधर, प्रतिभा सिंह, सुखविंदर सुक्खू के नाम सम्भावित मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में सामने आ रहे हैं।
गत 35 सालों से भाजपा का गढ़ रहे कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में वीरेंद्र कंवर की सीट सबसे सुरक्षित मानी जा रही थी। लेकिन जैसे-जैसे चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ी, कंवर की राह मुश्किल होती चली गई और उन्हें कांग्रेस के देवेंद्र भुट्टो से हार का सामना करना पड़ा। वहीं कांगड़ा से एकमात्र महिला मंत्री सरवीण चौधरी शाहपुर से कांग्रेस प्रत्याशी केवल सिंह पठानिया से चुनाव हार गई। घुमारवीं से खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग को भी हार का सामना करना पड़ा। उन्हें कांग्रेस के राजेश धर्माणी ने पराजित किया। कैबिनेट मंत्री सुरेश भारद्वाज को इन चुनावों में हार मिली। हालांकि उनका विधानसभा क्षेत्र बदला गया, जिसके चलते उनका हार का सामना करना पड़ा।
जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति से कैबिनेट मंत्री रहे रामलाल मार्केण्डेय कांग्रेस के रवि ठाकुर से चुनाव हार गए। स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल भी इस बार लगभग सात हजार मतों के अंतर से चुनाव हारे। धर्मपुर से रिकाॅर्ड जीत दर्ज करते रहे पूर्व मंत्री ठाकुर महेंद्र सिंह के पुत्र रजत ठाकुर को अपने पहले ही चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा।
विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार, उद्योग मंत्री विक्रम ठाकुर और ऊर्जा मंत्री रहे सुखराम चौधरी चुनाव जीतने में सफल रहे। दल बदल कर भाजपा में आए लखविंद्र राणा नालागढ़ से चुनाव हार गए। वहीं, कांगड़ा में कांग्रेस से भाजपा में गये पवन काजल चुनाव जीतने सफल रहे। चुराह से विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज भी चुनाव जीत गये हैं।
वन मंत्री राकेश पठानिया को फतेहपुर से हार का मुंह देखना पड़ा है। इसका सबसे बड़ा कारण उनका निर्वाचन क्षेत्र बदल कर नूरपुर से फतेहपुर करना था जिसका भाजपा को ख़मियाजा भुगतना पड़ा है। नाहन से विधायक और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष डाॅ राजीव बिंदल को भी हार का मुंह देखना पड़ा है। उन्हें कांग्रेस के अजय सोलंकी से मात मिली है।

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