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मुनस्यारी, धारचूला में घुसपैठ, स्थानीय लोग चिंतित

पिथौरागढ़/नैनीताल : चीन सीमा से सटे उत्तराखंड के मुनस्यारी और धारचूला में काश्तकारी, पर्यटन और गैर सरकारी संस्थाओं (एनजीओ) के नाम पर बाहरी लोगों की लगातार बढ़ रही घुसपैठ से स्थानीय लोग चिंतित हैं। इससे एक ओर जहाँ इस क्षेत्र की डेमोग्राफी पर असर पड़ रहा है वहीं यहाँ के सामाजिक और सांस्कृतिक ताना बाना को भी नुकसान का अंदेशा है। उन्होंने इस मामले की गहन जांच की मांग की है। पिथौरागढ़ जनपद के उच्च हिमालयी क्षेत्र मुनस्यारी तथा धारचूला तहसील में एक साल के भीतर बाहरी लोगों की लगातार घुसपैठ बढ़ गई है।

जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने इस मामले में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को एक पत्र लिखकर प्रशासन का ध्यान खींचा है। उन्होंने इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि रिसार्ट, फार्मिंग व एनजीओ के नाम पर चीन सीमा से सटे पर्वतीय क्षेत्रों में यकायक बाहरी लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे क्षेत्र के लोगों में कई तरह की आशंकाए हैं। इससे सीमा की सुरक्षा के लिए भी खतरा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि बाहरी लोगों से सीमांत को बचाना आवश्यक है। इसके लिए ग्राम पंचायतों से लेकर क्षेत्र तथा जिला पंचायतों की बैठकों में बकायदा प्रस्ताव पास किया जाएगा। जन जागरूकता पैदा करने के लिए पंचायत प्रतिनिधि पदयात्रा भी निकालेंगे। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश में जमीनों को बचाने के लिए हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर सख्त भू-कानून लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य स्तरीय मंच बनाए जाने की भी आवश्यकता है। इस पर जोर शोर से मंथन किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करे अन्यथा ऐसे लोगों को खदेड़ने के लिए स्थानीय लोगों को सड़कों पर उतरना पड़ेगा।

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