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कर्नाटक में जीका वायरस का पहला मामला

बेंगलुरु : कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डा. के सुधाकर ने सोमवार को कहा कि रायचूर जिले की पांच वर्षीय बच्ची राज्य में जीका वायरस से प्रभावित होने वाला पहला मामला है। डा. सुधाकर ने हालांकि, कहा कि चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है और राज्य सरकार ने वायरस से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित लड़की का कोई यात्रा इतिहास नहीं है। मंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा,“कर्नाटक में यह पहला पुष्ट मामला है। यह तब सामने आया जब सीरम का डेंगू और चिकनगुनिया परीक्षण किया गया। आमतौर पर ऐसे 10 प्रतिशत नमूने परीक्षण के लिए पुणे भेजे जाते हैं, जिनमें से यह सकारात्मक निकला है।”
इस वायरस की पहचान सबसे पहले 1947 में युगांडा में हुई थी। मंत्री ने कहा कि तीन नमूने एक प्रयोगशाला में भेजे गए थे, जिनमें से दो नकारात्मक थे और एक सकारात्मक था, जो इस पांच वर्षीय लड़की का था। डा. सुधाकर ने कहा,“पुणे से आई लैब रिपोर्ट में जीका वायरस के मामले की पुष्टि हुई। गत पांच दिसंबर को इसे संसाधित किया गया और आठ दिसंबर को रिपोर्ट किया गया।”
उन्होंने कहा कि इस संबंध में जल्द ही दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कुछ मामले कुछ महीने पहले केरल, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में पाए गए थे। गौरतलब है कि यह बीमारी संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलती है, जिसे डेंगू और चिकनगुनिया जैसे संक्रमण फैलाने के लिए भी जाना जाता है।

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