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हम प्रभावी ढंग से चीन को पीछे खदेड़ेंगे

बेंगलुरु : अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारतीय सेना और चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के बीच हुए झड़प पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कहा कि अगर चीन ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश की तो भारत प्रभावी ढंग से उसे पीछे हटने को मजबूर करेगा। श्री बोम्मई ने कहा कि केंद्र की मौजूदा नरेंद्र मोदी सरकार पिछली सरकारों की तरह नहीं है और रक्षा बल तैयार हैं। उन्होंने कहा,“अब तक, ऐसी कोई तैयारी नहीं थी और पिछले नेताओं ने रक्षा बलों को कोई निर्देश नहीं दिया था। लेकिन अब स्पष्ट निर्देश हैं। भारतीय सेना को सड़कें, पुल और अन्य उपकरण प्रदान किए गए हैं। हम चीन को प्रभावी ढंग से पीछे खदेड़ेंगे।”
इसबीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि ने कहा कि यह 1962 का भारत नहीं है, इसमें वापस लड़ने की क्षमता है। उन्होंने कहा,“यह 1962 का भारत नहीं है। आज का भारत बहुत अलग है। हमारे पास वापस लड़ने की क्षमता है। इन दिनों राजनीतिक नेताओं में मुंहतोड़ जवाब देने का साहस है। हमारे सशस्त्र बलों ने भी ताकत दिखाई है और करारा जवाब दिया है।”
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उनके नयी दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात की और उन्हें तवांग की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी। दूसरी ओर डोगरा फ्रंट ने फेसऑफ को लेकर जम्मू में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भारतीय सेना के समर्थन में नारे लगाए और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पोस्टर जलाए। गौरतलब है कि गत नौ दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारतीय सेना और पीएलए सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। इसमें दोनों देशों के कई जवान घायल भी हुए हैं।

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