मथुरा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि धार्मिक विरासत से समृद्ध उत्तर प्रदेश के लोगों के पूर्व जन्मों का पुण्य प्रताप है कि मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम और द्वारिकाधीश श्रीकृष्ण की जन्मभूमि वाले राज्य में उन्हें जन्म और कर्मभूमि के माध्यम से यहां सेवा का अवसर मिला। श्री योगी ने मथुरा-वृंदावन में 822.43 करोड़ की 210 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। बच्चों का अन्नप्राशन कराया। साथ ही गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार भेंट किया। सम्मेलन में प्रबुद्धजनों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चाबी, चेक, प्रशस्ति पत्र व नियुक्ति पत्र वितरित किया। नगर निगम के विकास कार्यों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया। इससे पहले उन्होने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन व आरती की। यहां उन्होंने प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
उन्होने कहा “आठ महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में आपने भाजपा के सभी विधायकों को जिताकर भेजा। चुनावी विश्लेषकों की टिप्प्णियों पर विराम लगाकर ब्रज भूमि ने साबित किया कि वह अत्याचार, शोषण, अन्याय, अधर्म व भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ा हुआ। यही यहां का इतिहास रहा है। पांच साल में आपने मथुरा, बरसाना, नंदगांव, बलदेव, वृंदावन समेत बदलते ब्रज भूमि को देखा है। हमारा यूपी देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा सुंदर व स्वच्छ भी है। इंफ्रास्ट्रक्चर का कोई सानी नहीं है। सूबे में व्यवस्थित रूप से फोरलेन, एक्सप्रेसवे, हर घर नल, फ्लाईओवर, रोपवे, एलिवेटेड रोड आदि के कार्य हो रहे हैं। विरासत को संरक्षित करते हुए विकास ही आमजन के जीवन में परिवर्तन लाएगा और सबसे बड़ी आबादी वाले यूपी के नौजवानों को काम, किसानों की आय में वृद्धि, उद्यमियों के व्यवसाय को बढ़ाएगा। ”
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में मथुरा-वृंदावन को हमें नगर निगम बनाने का सौभाग्य मिला। निगम का पहला बोर्ड भाजपा का बनवाया। इसके बाद ब्रज तीर्थ विकास परिषद के गठन से विकास को आगे किया गया। आज यहां 30 हजार करोड़ की परियोजनाएं चालू, पाइपलाइन व प्रस्तावित हैं। विकास की अभिलाषा को बढ़ाने का समय आ गया है।
उन्होने कहा “ ब्रज भूमि में हम सभी को आने, बसने व भगवान की लीला भूमि को नजदीक से देखने का सौभाग्य मिला। हमारे पास लंबी विरासत है। यूपी इस मामले में समृद्धशाली है। यहां भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि व राधेरानी-श्रीकृष्ण की लीला भूमि है। अयोध्या, विश्वनाथ धाम, सबसे पवित्र गंगा व यमुना मैया का आशीर्वाद यूपी को मिलता है। दुनिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक आयोजन कुंभ (प्रयागराज) और मां विंध्यवासिनी का धाम भी उत्तर प्रदेश में है। श्रीराम ने जहां वनवास में सबसे अधिक समय व्यतीत किया, वह चित्रकूट और भगवान बुद्ध से जुड़े सर्वाधिक पवित्र स्थल भी यूपी में है। भारत का वैदिक ज्ञान जहां लिपिबद्ध हुआ, वह नैमिषारण्य और भागवत की पहली कथा भगवान श्रीकृष्ण की परंपरा में उनके पौत्र को सुनाने का कार्य हुआ, वह तीर्थ भी यूपी में है। हमारे पूर्व जन्मों के पुण्य का प्रताप है कि जन्म व कर्मभूमि के माध्यम से यहां सेवा का अवसर मिला। ”
धार्मिक विरासत से समृद्ध है उत्तर प्रदेश
