संबलपुर : ओडिशा के संबलपुर पुलिस ने सोमवार को जिला न्यायाधीश मानस रंजन बारिक को अपमानित करने और उनके सरकारी कक्ष में तोड़फोड़ करने के आरोप में अदालत क्षेत्र से दो अधिवक्ताओं सहित विभिन्न स्थानों से 17 वकीलों को गिरफ्तार किया है। संबलपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) बी गंगाधर ने बताया कि अब तक 17 अधिवक्ताओं को गिरफ्तार किया गया है लेकिन यह संख्या और बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि सभी गिरफ्तारियां केवल सबूतों के आधार पर की गईं और लोगों से स्वस्थ तथा लोकतांत्रिक प्रथाओं के हिस्से के रूप में देश के कानून तथा देश के उच्चतम न्यायालय का सम्मान करने की भी अपील की।
गौरतलब है कि सोमवार को हुई हिंसा के कारण हंगामे की स्थिति के बाद कस्बे का कचहरी इलाका मंगलवार को सुनसान नजर आया। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की भारी तैनाती की गई थी। अप्रिय स्थिति को टालने के लिए आंदोलनकारी अधिवक्ता बड़ी संख्या में उपस्थित नहीं हुए। शहर के प्रमुख चौकों और प्रवेश बिंदुओं सहित अदालत परिसर में त्रिस्तरीय पुलिस तैनाती की गई है।
संबलपुर एसपी के अलावा, सोनपुर एसपी अमरेश पांडा और अतिरिक्त एसपी तपन मोहंती कचहरी चौक (नेल्सन मंडेला चौक) पर स्थिति की निगरानी करते देखे गए। अदालत परिसर में कानून व्यवस्था की स्थिति और अदालत के सामान्य कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को उत्तरी रेंज पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी और राज्य के कुछ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे। प्रशासन ने 144 सीआरपीसी के तहत अदालत के पास सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है।
यह खबर फैलते ही पुलिस पूरी तरह अलर्ट हो गई थी कि अधिवक्ता अपने साथियों की गिरफ्तारी के विरोध में रैली में कोर्ट तक आएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। स्थानीय कार्रवाई के अलावा, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने सोमवार को अदालत परिसर और जिला न्यायाधीश मानस रंजन बारिक के कक्ष के अंदर अनुशासनहीन गतिविधियों में लिप्त 29 अधिवक्ताओं के लाइसेंस 18 महीने के लिए निलंबित कर दिए हैं।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया की कार्रवाई को लेकर अधिवक्ताओं के बीच तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की गयी है। राज्य की राजधानी भुवनेश्वर के वकीलों ने अपने संबलपुर समकक्षों को समर्थन दिया है और बीसीआई की कार्रवाई को ‘एकतरफा’ बताया है।
जिला जज को अपमानित करने के आरोप में 17 वकील गिरफ्तार
