चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने अब एकल पुरूष सरकारी कर्मचारी को भी दो वर्ष का पितृत्व अवकाश देने की व्यवस्था की है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस सम्बंध में हरियाणा सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 2016 में संशोधन को मंजूरी दी गई जिसके तहत अब एकल पुरुष सरकारी कर्मचारी को भी दो साल की बाल देखभाल छुट्टी की अनुमति होगी। ये नियम सरकारी गजट में संशोधन के प्रकाशन की तिथि से लागू होंगे।
संशोधन के अनुसार, एकल पुरुष सरकारी कर्मचारी (अविवाहित, विधुर या तलाकशुदा) और महिला सरकारी कर्मचारी केवल 18 वर्ष की आयु तक के अपने दो बड़े जीवित बालकों की देखभाल के लिए सम्पूर्ण सेवाकाल के दौरान अधिकतम दो साल (यानी 730 दिन) की अवधि के लिए चाइल्ड केयर लीव का लाभ उठा सकते हैं। राज्य सरकार ने यह व्यवस्था केंद्र सरकार की तर्ज पर की है। अट्ठारह वर्ष से कम आयु की शर्त दिव्यांग बालकों पर लागू नहीं होगी, यदि सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा जारी किए गए अशक्तता प्रमाण पत्र के अनुसार अशक्तता 60 प्रतिशत से अधिक है और दिव्यांग बच्चा पूरी तरह से महिला या एकल पुरुष सरकारी कर्मचारी पर निर्भर है।
हरियाणा में अब एकल पुरूष सरकारी कर्मी को भी पितृत्व अवकाश
