देहरादून : उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक कुमार ने गुरुवार को राज्य के दोनो परिक्षेत्र एवं सभी जनपद प्रभारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेसिंग (वीसी) के माध्यम से अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने एवं अपराध नियंत्रण हेतु एक दिसम्बर से चलाए जा रहे विशेष अभियान की पाक्षिक समीक्षा की। इस दौरान, श्री कुमार ने गैंगस्टर एक्ट के अन्तर्गत, दर्ज सभी अभियोगों के अभियुक्तों की अवैध रूप से अर्जित की गयी सम्पत्ति को कुर्क करने में कम कार्यवाही होने पर नाराजगी जताई और समस्त जनपद प्रभारियों को ऐसी सम्पत्तियों का शीघ्र चिन्हीकरण कर कार्यवाही बढ़ाने हेतु निर्देशित किया।
श्री कुमार ने कहा कि आप सभी अपनी प्रोफेशनल योग्यता बढ़ाएं और जनता के हित में कार्य करें। हमारे पास कर्तव्य पालन हेतु तीन-तीन अधिकार हैं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले हमें राज्य सरकार द्वारा वर्दी दी गई है। दूसरे हमें अपराधियों से लड़ने के लिए शस्त्र दिए गए हैं और तीसरे हमारे पास कानून का अधिकार है। जिसके अन्तर्गत हम एफआईआर दर्ज कर सकते हैं, अपराधियों को गिरफ्तार कर सकते हैं।
डीजीपी ने कहा कि हमारी यह नैतिक जिम्मेदारी है कि हम इन तीनों अधिकारों का सदुपयोग पीड़ितों, गरीबों, असहायों के हित में करें। अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों में पुलिस का डर हो एवं आम नागरिक पुलिस को देख कर खुद को सुरक्षित महसूस करें। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में पुलिस अधीक्षक से लेकर थाना प्रभारी तक अच्छा कार्य करने वालों को पुरस्कार एवं कार्य में शिथिलता बरतने वालों व असफल रहने वालों पर कार्यवाही भी की जाएगी।
समीक्षा के दौरान, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था वी मुरूगेशन, पुलिस महानिरीक्षक, अभिसूचना एवं सुरक्षा ए पी अंशुमान, पुलिस उप महानिरीक्षक, पी/एम सेंथिल अबुदेई कृष्ण राज एस, पुलिस उप महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था पी. रेणुका देवी, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
डीजीपी ने की अपराध नियंत्रण अभियान की समीक्षा
