श्रीनगर : जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर स्थित भव्य एवं ऐतिहासिक जामिया मस्जिद के प्रबंध निकाय ने अपने लॉन में पुरुषों और महिलाओं के एक साथ बैठने पर रोक लगा दी है। मस्जिद प्रबंधन समिति अंजुमन औकाफ ने पुरुषों और महिलाओं दोनों को सलाह दी है कि वे जामिया मस्जिद में नमाज़ पढ़ते समय अपने विशिष्ट स्थान का उपयोग करें, जो दोनों के लिए निर्धारित है। करीब 600 साल पुरानी भव्य मस्जिद में विशेष अवसरों पर 20,000 से अधिक लोग नमाज अदा करते हैं। एक अधिसूचना में अंजुमन औकाफ ने मस्जिद के अंदर फोटोग्राफी पर भी रोक लगा दी है।
इस संबंध में जारी नोटिस में कहा गया,“फोटोग्राफरों/कैमरा वालों को मस्जिद के अंदर किसी भी तरह की तस्वीरें लेने या क्लिक करने की मनाही है। यहां तक कि किसी भी तरह की तस्वीरें लेने के उपकरण भी पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं और उन्हें तुरंत गेट पर रोक दिया जाना चाहिए।” नोटिस में कहा गया है कि महिलाओं और पुरुषों को पार्क में बैठने की अनुमति नहीं है। अंजुमन औकाफ ने मस्जिद परिसर के अंदर खाने-पीने का सामान ले जाने पर भी रोक लगा दी है। अधिसूचना में कहा गया,“मस्जिद के अंदर किसी को भी दोपहर का भोजन या किसी भी तरह का खाने की अनुमति नहीं है। इसलिए, आगंतुकों को गेट पर ही रोका जाना चाहिए।”
अंजुमन औकाफ ने अपने सुरक्षा गार्डों को निर्देश तत्काल लागू करने का निर्देश दिया है। शुक्रवार को एक बयान में, अंजुमन औकाफ ने कहा कि पूजा स्थल होने के नाते आगंतुकों से अनुरोध किया गया है कि वे मस्जिद के रूप में इसकी पवित्रता का सम्मान करें और मस्जिद में जाते समय मर्यादा का पालन करें। प्रबंधन ने कहा,“यह एक सार्वजनिक पार्क या मनोरंजक सुविधा नहीं है। इसलिए फोटोग्राफ क्लिक करते समय दर्शकों को स्थानीय और बाहरी दोनों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए। पेशेवर उद्देश्यों के लिए जामा मस्जिद की कोई भी तस्वीर या वीडियो लेने से पहले अंजुमन औकाफ से अनुमति लेने की जरूरत है।” अंजुमन औकाफ ने पुरुषों और महिलाओं दोनों से भी कहा कि उन्हें मस्जिद में नमाज अदा करते समय अपने विशिष्ट स्थान का ही उपयोग करें।
