कोटा : राजस्थान में कोटा के कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अभय कुमार व्यास ने फसल बीमा योजना के सरलीकरण पर जोर दिया। कोटा में सोमवार को कृषि विज्ञान केन्द्र में जिला स्तरीय फसल बीमा पाठशाला को संबोधित करते हुये डॉ. व्यास ने किसानों को फसलों के समय पर बीमा एवं बीमा क्लेम के लिए बीमा कम्पनी, कृषि विभाग, राजस्व विभाग एवं बैंकों के मध्य और अधिक समन्वय की आवश्यकता बताई। डॉ. व्यास ने बताया कि फसल बीमा योजना के और अधिक सरलीकरण की आवश्यकता है, जिससे अधिक से अधिक किसानों को फसल खराबे की स्थिति में जोखिम से बचाया जा सके।
संयुक्त निदेशक कृषि डॉ. रामावतार शर्मा ने जिले के किसानों को फसल बीमा योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीमा प्रतिकूल मौसम की वजह से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए है। संयुक्त निदेशक उद्यान डॉ.पीके गुप्ता ने उद्यान विभाग की योजना की जानकारी दी। निदेशक प्रसार शिक्षा कृषि विश्वविद्यालय डॉ. एसके जैन ने बताया कि फसल बीमा योजना के तहत फसलों की बुआई, बुआई न कर पाने, असफल अंकुरण जोखिम, मौसमी दशाओं के कारण बुआई, अंकुरण न होने से सुरक्षा प्रदान करता है।
उपनिदेशक कृषि विस्तार खेमराज शर्मा ने बताया कि फसल बीमा में फसलों की बुआई, खड़ी फसल, फसल कटाई के उपरान्त 14 दिवस, स्थानीय आपदाएं आदि से संरक्षण प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि तारबन्दी, कस्टम हायरिंग सेन्टर, कृषि उपकरण, फार्म पोण्ड सहित अन्य योजनाएं किसानों के लिए है, जिनकी सभी प्रक्रियाएं ऑनलाईन है। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र ने प्राकृतिक खेती, महिन्द्र एण्ड महिन्द्रा ने कृषि उपकरण-लेजर लेवलर, रोटावेटर, इफको ने नेनो यूरिया तथा बजाज आलियांज द्वारा फसल बीमा की जानकारी पर प्रदर्शनी लगाई।
किसानों को जोखिम से बचाने के लिये फसल बीमा योजना के सरलीकरण पर जोर
