बड़वानी : मध्यप्रदेश के बड़वानी के एक न्यायालय ने आज दिये निर्णय में शासकीय भूमि पर फर्जी तरीके से ऋण लेने के मामले में एक बैंक अधिकारी और वकील समेत 15 लोगों को सात वर्ष के कारावास से दंडित किया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार बड़वानी के प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कैलाश प्रसाद मरकाम ने बैंक ऑफ इंडिया ठीकरी शाखा के तत्कालीन लोन सैंक्शनिंग ऑफिसर सतीश सूर्यवंशी, बैंक के लीगल एडवाइजर देवी सिंह चौहान व दलाल संतोष यादव समेत खरगोन जिले के कसरावद क्षेत्र की दो महिलाओं व 11 किसानों सहित 15 को सात सात वर्ष की सजा से दंडित किया है। इस मामले में दो अन्य लोग भी आरोपी थे, लेकिन विचारण के दौरान उनकी मृत्यु हो चुकी है।
अतिरिक्त लोक अभियोजक पवन जाट ने बताया कि सन 2011 में बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक नरेंद्र पाल सिंह ने 8 प्रकरण दर्ज कराए थे। इसमें शासकीय भूमि को निजी बताकर मिलीभगत से 50 लाख रु से अधिक का लोन स्वीकृत करा लिया गया था। इसमें दलाल संतोष यादव ने फर्जी दस्तावेजों की सहायता से कागजात तैयार किए। बैंक के अधिकृत लीगल एडवाइजर वकील देवी सिंह चौहान ने फर्जी सर्च रिपोर्ट तैयार की और बैंक के लोन सैंक्शनिंग ऑफिसर सतीश सूर्यवंशी ने समस्त जानकारी होने के बावजूद ऋण की स्वीकृति प्रदान कर दी थी।
फर्जी लोन निकालने के मामले में बैंक अधिकारी व वकील समेत 15 को सजा
