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जनसंपर्क स्थापित करें जिला कलक्टर

गांधीनगर : गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को कहा कि जिला कलेक्टर गांवों का दौरा कर जनसंपर्क स्थापित करें।
श्री पटेल ने राज्य के जिला कलक्टरों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को जिला स्तर पर एक परिणामकारी कार्यपद्धति विकसित करने का स्पष्ट दिशानिर्देश दिया है ताकि आम लोगों एवं जनसाधारण को अपनी शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान के लिए राज्य स्तर पर आना ही न पड़े। उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में दूसरी बार शासन सेवा का दायित्व संभालने के बाद आज नई सरकार के पहले राज्य स्तरीय ‘स्वागत’ कार्यक्रम (स्टेट वाइड अटेंशन ऑन ग्रिवेंसेज बाई एप्लीकेशन ऑफ टेक्नोलॉजी) में प्रार्थियों के अभ्यावेदन के संदर्भ में यह निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कलक्टर तंत्र में प्रभावी रूप से एक ऐसी कार्यपद्धति विकसित की जाए जिसमें जिला स्तर के कार्यालयों में जनता को अपनी शिकायतें प्रस्तुत करने में किसी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े साथ ही उनमें यह विश्वास पैदा हो कि समस्या का समुचित निवारण अवश्य किया जाएगा। इतना ही नहीं, उन्होंने जिला कलक्टरों से गांवों का दौरा कर जनसंपर्क स्थापित करने की हिमायत भी की।
स्वागत कार्यक्रम में दिसंबर महीने के दौरान जिला, तहसील और ग्राम स्वागत सहित कुल 2961 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिसमें से 2546 शिकायतों का सुखद निवारण किया जा चुका है। राज्य स्तरीय स्वागत ऑनलाइन जन शिकायत निवारण कार्यक्रम हर महीने के चौथे गुरुवार को गांधीनगर में आयोजित किया जाता है। मुख्यमंत्री स्वयं इस राज्य स्वागत में मौजूद रहकर आवेदकों की शिकायतें सुनते हैं और उसके उचित निराकरण के लिए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सुझाव एवं निर्देश देते हैं।
राज्य स्वागत में मुख्यमंत्री के समक्ष विभिन्न जिलों के नौ नागरिकों की शिकायतें प्रस्तुत की गईं।

उन्होंने इन शिकायतों को शांतिपूर्ण तरीके सुनकर संबंधित जिला प्रशासन के अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई करने और मुख्यमंत्री कार्यालय को इसकी सूचना देने का भी सुझाव दिया। आज आयोजित हुए इस राज्य स्वागत में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव के. कैलाशनाथन, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव पंकज जोषी और सचिव अवंतिका सिंह उपस्थित रहे। राज्य स्वागत में मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की गई समस्याओं और शिकायतों के संदर्भ में पूरक विवरण के साथ गृह, ऊर्जा, राजस्व और सिंचाई आदि विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, सचिव और उच्च अधिकारियों ने भाग लिया।

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