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युवा लेखकों को साहित्य अकादमी पुरस्कार

नई दिल्ली : साहित्य अकादमी ने मंगलवार को भारतीय भाषाओं के विशिष्ट युवा लेखकों को साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार 2022 से पुरस्कृत किया। ये पुरस्कार साहित्य अकादेमी के उपाध्यक्ष माधव कौशिक एवं मुख्य अतिथि प्रख्यात साहित्यकार ममता कालिया ने प्रदान किए। पुरस्कार विजेताओं को एक उत्कीर्ण ताम्र-फलक और प्रत्येक को रुपये 50 हजार रुपए की राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की गई।
युवा पुरस्कार 2022 पुरस्कार से पुरस्कृत होने वाले लेखक प्रद्युम्न कुमार गोगोई (असमिया), सुमन पातारी (बांग्ला), अलंबार मुसाहारि (बर ), आशु शर्मा (डोगरी), मिहिर वत्स (अंग्रेज़ी), भरत खेनी (गुजराती), भगवंत अनमोल (हिंदी), दादापीर जैमन (कन्नड), शाइस्ता खान (कश्मीरी), मायरन जेसन बार्रेटो (कोंकणी), नवकृष्ण ऐहिक (मैथिली), अनघा जे. कोलथ (मलयाळम्), सोनिया खुन्द्राकपम (मणिपुरी), पवन नालट (मराठी), रोशन राई ‘चोट‘ (नेपाली), दिलीप बेहरा (ओडिआ), संधू गगन (गगनदीप सिंह) (पंजाबी), आशीष पुरोहित (राजस्थानी), श्रुति कानिटकर (संस्कृत), सालगे हाँसदा (संताली), हिना आसवानी (सिंधी), पी. कालीमुथ्थु (तमिल), पल्लिपट्टु नागाराजु (तेलुगु), मक़सूद आफ़ाक़ (उर्दू) शामिल हैं।

साहित्य अकादमी के सचिव के. श्रीनिवासराव ने उपाध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि युवा हर समाज को स्पंदित रखते हैं और परिवर्तन का प्रतीक हैं, अतः भविष्य के वृक्ष के रूप में उनको प्रोत्साहित एवं सुरक्षा देना हम सभी का कर्त्तव्य है। साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष माधव कौशिक ने कहा कि आज के पुरस्कृत युवा लेखक एक नए भारतीय परिवेश का निर्माण कर रहे हैं, जिसमें भाषा की बाध्यता अब कोई महत्त्वपूर्ण बात नहीं रह गई है।

नई पीढ़ी के पास अभिव्यक्ति के अनेक नए साधन हैं और वे अब कई विधाओं का अतिक्रमण कर अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कर रहे हैं। मुख्य अतिथि के रूप में अपने वक्तव्य में ममता कालिया ने कहा कि अब का युवा सच में युवा है और उसके पास विचारों से लेकर अन्य सभी जानकारियों की उपलब्धता है। उनका लेखन आशा से भरा हुआ है। कई मंचों पर सक्रिय यह नई पीढ़ी नई ऊर्जा से भरपूर है और उसका हर कृत्य उत्साहजनक है।

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