बालासोर : ओडिशा में एक विशेष अदालत ने मंगलवार को बहुस्तरीय विपणन घोटाले में शामिल चार आरोपियों को दोषी ठहराया तथा उन्हें जेल और जुर्माने की सजा सुनाई। जमाकर्ताओं के हित संरक्षण (ओपीआईडी) की विशेष अदालत के विशेष न्यायाधीश बिस्वजीत दास ने मामले की सुनवाई के बाद घोटाले के चारों आरोपियों को सजा सुनायी। पोंजी (छद्म) फर्म शास्त्र एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े दोषियों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी, आपराधिक साजिश सहित अन्य आरोपों के तहत मुकदमा चलाया गया।
गिरफ्तार किए गए लोगों में कंपनी के प्रबंध निदेशक वी संपत तथा इसके निदेशक मंडल के सदस्य बी मल्लिकार्जुन राजू, आदाशिव नायक और तपन कुमार बारिक शामिल हैं। अदालत ने उन्हें घोटाले में दोषी ठहराते हुए संपत और राजू को सात-सात साल की सजा सुनाई तथा उनपर 4,21,000-4,21,000 रुपये का जुर्माना लगाया। अन्य दो दोषियों नायक और बारिक को 3-3 साल की सजा सुनाई गई और 60,000 रुपये के जुर्माना भरने का आदेश दिया गया। इस मामले में हालांकि, एक अन्य प्रतिवादी को बरी कर दिया गया था।
एक निवेशक खिरोद चंद्र बारिक की शिकायत पर बारीपदा पुलिस ने अक्टूबर 2010 में मामला दर्ज किया और जांच की थी।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बारीपदा में एक व्यावसायिक कार्यालय होने के कारण उच्च रिटर्न और अन्य लाभों का वादा करके धन एकत्र करने वाले ‘शास्त्र एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड’ ने बड़ी संख्या में निवेशकों को धोखा दिया है। प्रबंधन द्वारा कंपनी के कार्यालय को बंद कर दिया गया और जब निवेशकों ने उनके रिटर्न की मांग की तो वे भाग गए। मयूरभंज जिले के 1357 सहित 10,000 से अधिक निवेशक इस घोटाले से प्रभावित हुए थे। घोटाले में शामिल धन लगभग 22 करोड़ रुपये था जबकि राज्य में अकेले मयूरभंज जिले में लगभग 4.2 करोड़ रुपये की राशि के घोटाले का अनुमान लगाया गया था।
करोड़ों के मार्केटिंग घोटाले में 4 दोषी करार
