सिरसा : हरियाणा के सिरसा शहर में आए दिन कुकरमुतों की तरह कैफ़े खुलते जा रहे हैं। इन कैफों में होने वाले गोरखधंधों की शिकायत सीएम विंडो तक पहुंची तो मंगलवार को पुलिस ने एक कैफे में छापेमारी कर पांच युवक-युवतियों को संदिग्ध अवस्था में गिरफ्तार किया। अखिर इन कैफों को मान्यता कौन दे रहा है यह अपने आप में जांच का विषय है। कहने को तो ये जलपान के ठिकाने हैं मगर अंदर जाकर देखो तो हकीकत कुछ और ही है।
कैफे में युवक एवं युवतियां नशा करते हैं वही कैफ़े संचालक प्रति घंटा के हिसाब से पैसे लेकर जिस्मफरोशी भी करवाते हैं। सिरसा में लंबे समय से चल रहे इस अवैध गोरखधंधे से पास पड़ोस के लोग दुखी है। इस अवैध गोरखधंधा से उच्च पुलिस अधिकारी व स्थानीय पुलिस वाकिफ है मगर हाथ डालने में गुरेज करते हैं। मामला सीएम विंडो तक पहुंचा तो आज पुलिस ने एक कैफे में रेड कर 5 युवक-युवतियों को संदिग्ध अवस्था में दबोचा।
मंगलवार दोपहर को थाना सिविल लाइन पुलिस को सूचना मिली कि शहर की लालबत्ती चौक पर बने एक होटल में कुछ लोग रंगरलियां मना रहे हैं। इस सूचना को पाकर थाना सिविल लाइन प्रभारी व थाना महिला इंचार्ज मंजू देवी ने दलबल लेकर होटल में पहुंचे। पुलिस ने जब होटल के कमरों को खंगाला तो कमरों में युवक युवतियों को आपत्तिजनक अवस्था मे पाया। पुलिस को देखकर ये सभी दंग रह गए। पुलिसवालों का मानना है कि इस होटल में पिछले लंबे समय से देह व्यापार का गोरखधंधा चल रहा था और इसी जुर्म में पांच जोड़ो को पकड़ा गया है।
सूत्रों की माने तो कैफे संचालक पुलिस से सांठगांठ कर नशा व जिस्मफरोशी का धंधा चलाये हुए हैं। दो सौ से पांच सौ रुपये तक प्रति घंटे के लिहाज से युवक व युवतियों से लिया जाता है। इस कमाई का कुछ हिस्सा पुलिस को जाता है। इस संदर्भ में पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अर्पित जैन का कहना है कि जिन पुलिस के अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत मिलेगी उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वही कैफे संचालन का किन-किन लोगों में पास लाइसेंस है इसकी भी जांच करवाई जाएगी।
