श्रीनगर : जम्मू कश्मीर की आर्थिक अपराध शाखा ने बेरोजगार लोगों को पुलिस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने के आरोप में गुरुवार को सात आरोपियों के खिलाफ गांदरबल के न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में चालान पेश किया। जम्मू कश्मीर पुलिस ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वार्ड नंबर एक कश्मीरी मोहल्ला, अखनूर, जम्मू के राकेश कुमार और अन्य लोगों ने आपस में मिलीभगत कर नौकरी दिलाने के नाम पर बेईमानी और धोखाधड़ी करते हुए शिकायतकर्ताओं से बड़ी रकम हड़प ली है। मामले के प्रारंभिक सत्यापन के बाद मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।
जांच में पता चला कि सभी आरोपियों ने आपस में मिलीभगत कर सुनियोजित रूप से और आपराधिक साजिश करते हुए पीड़ितों को जम्मू कश्मीर पुलिस में नौकरी दिलाने के नाम पर बेईमानी और धोखाधड़ी करते हुए उनसे बड़ी राशि ठग ली।
पुलिस द्वारा जारी बयान के अनुसार, प्रथम दृष्टया में धारा 419, 420, 120-बी आरपीसी के अंतर्गत दंडनीय अपराध का पता चलता है और इसलिए अपराध निर्धारित करने के लिए अदालत चालान पेश किया गया है।
सातों आरोपियों की पहचान राकेश कुमार, मंजूर अहमद गनी, मोहम्मद यूसुफ वानी (शिक्षा विभाग में सेवानिवृत्त कर्मचारी), गुलाम मोहम्मद शेख उर्फ गुलजार शेख (आईआरपी प्रथम बटालियन का बर्खास्त कांस्टेबल), अब्दुल कयूम शेख (सफाईकर्मी), शकील अहमद मीर (एसजीसीटी आईआरपी 20वीं बटालियन) और अब्दुल हमीद भट (तत्कालीन हेड कांस्टेबल पीटीएस मनीगाम) के रूप में की गई है।
ठगी के आरोप में 7 के खिलाफ चालान दाखिल
