हैदराबाद : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने यहां एनआईए की विशेष अदालत में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) द्वारा आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन करने और आतंकी गतिविधियों के लिए लोगों की भर्ती करने संबंध में 11 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। एनआईए ने शुक्रवार को जारी वक्तव्य में यह जानकारी दी।
एजेंसी ने विज्ञप्ति में कहा कि यह मामला शुरू में 04 जुलाई, 2022 को तेलंगाना के निजामाबाद जिले के पीएस सिक्स टाउन में दर्ज किया गया था और बाद में एनआईए ने 26 अगस्त, 2022 को इसे फिर से दर्ज किया। जांच में पता चला कि आरोपी भोले-भाले मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बना रहे थे और उन्हें भारत सरकार के साथ-साथ अन्य संगठनों और लोगों के खिलाफ नफरत और जहर से भरे भाषण देकर उन्हें पीएफआई में भर्ती कर रहे थे।
विज्ञप्ति के अनुसार, पीएफआई में भर्ती होने के बाद मुस्लिम युवाओं को योग कक्षाओं और शारीरिक शिक्षा (पीई) शुरुआती पाठ्यक्रम(बीसी) आदि की आड़ में पीएफआई के प्रशिक्षण शिविरों में भेजा जाता था जहां उन्हें रोजमर्रा की वस्तुओं (चाकू, हंसिया और लोहे की छड़) का उपयोग करने का प्रशिक्षण दिया जाता था जिससे वे किसी व्यक्ति के गले, पेट और सिर जैसे कमजोर अंगों पर हमला कर सकें और आतंकी कृत्यों को अंजाम दे सकें। एनआईए ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ गुरुवार को भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी, 153 (ए), यूए(पी) अधिनियम की धारा 17, 18, 18 ए और 18 बी के अंतर्गत आरोप पत्र दाखिल किया गया।
जिन 11 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया है वे सभी तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के हैं जिसने नाम अब्दुल खादर (निजामाबाद), अब्दुल अहद (निजामाबाद), शेख इलियास अहमद (नेल्लोर, एपी), अब्दुल सलीम (जगतियाल), शेख शादुल्ला (निजामाबाद), फिरोज खान (आदिलाबाद), मोहम्मद उस्मान (जगतियाल), सैयद याहिया समीर (निजामाबाद) शेख इमरान (निजामाबाद), मोहम्मद अब्दुल मुबीन (निजामाबाद) और मोहम्मद इम्फ्रान (करीमनगर) हैं।
इस मामले में आगे की जांच चल रही है।
पीएफआई मामले में 11 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल
