दो करोड़ 30 लाख की हुई बिक्री
उदयपुर : राजस्थान खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष एवं राज्य सरकार के केबिनेट मंत्री बृजकिशोर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बजट घोषणा के तहत प्रदेश मेंं 18 से 19 करोड़ रुपयें खादिम एवं बुनकरों के लिए जारी किये है। शर्मा आज यहां राजस्थान खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड जयपुर एवं जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में टाउनहॉल में आयोजित हुई 17 दिवसीय संभाग स्तरीय खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी 2022 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होने इसकी पहली किश्त हमारे पास आ चुकी है। यह पैसा उनके पास जल्दी जाने जाने वाला है। चार ट्रेनिंग सेंटर और मिले हैं।
उन्होंने कहा कि खादी बोर्ड की पहली मीटिंग में तेलगाना उद्योग, शशुद्ध मसाले, लकड़ी एव स्टिल के फर्नीचर जैसे 17 उद्योगों प्रशिक्षित द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। ने मांग की कि केंद्र सरकार खादी पर छूट का दायरा बढ़ाए और इस पर जीएसटी को खत्म किया जाए। 580 चरखे भी जल्द ही बुनकरों को प्रदान किए जाएंगे। खादी में डिजिटल यूग शीघ्र प्रारंभ होगा। फैशन और डिजाइन के मामले में बहुत आगे निकल चुका है और युवाओं की तेजी से पसन्द बनता जा रहा है। तेल और मसाला उद्योग पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
समापन समारोह के विशिष्ट अतिथि सदस्य जनजाति विकास विभाग राजस्थान सरकार, अध्यक्ष आदिम जाति सेवा संस्थान जयपुर के लक्ष्मीनारायण पंड्या, जन अभाव अभियोग निराकरण समिति की सदस्य शारदा रोत थी। अध्यक्षता पूर्व सांसद रघुवीर मीणा ने की।
इस अवसर पर श्री पण्ड्या ने कहा कि जनता द्वारा खरीदे गये खादी उत्पादों से छोटे-छोटे कामगारों को रोजगार के साथ ही उन्हें आर्थिक संबल भी मिलता है। खादी संस्थाओं से युवाओं को जोड़ने का आह्वान किया ताकि खादी में भी नवाचारों को स्थान मिल सकें। खादी संस्थाओं को नरेगा के साथ जोड़ा जाय। इस प्रकार के मेले के आयोजन एंव मेले में खादी पर 50 प्रतिशत की छूट को ले कर उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में पूर्व सांसद रघुवीर सिंह मीणा ने कहा कि मेले में जिस प्रकार से जनता का सहयोग रहा उसको देखते हुए यह कहा जा सकता है कि प्रदर्शनी कामयाब रही। विभिन्न उत्पादों से आसपास क्षेत्र के लोग लाभान्वित हुए।
संयोजक गुलाब सिंह गरासिया ने कहा कि प्रदर्शनी ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोउ़ते हुए इस वर्ष लक्ष्य से अधिक 2 करोड़ तीस लाख की बिक्री कर एक कीर्तिमान स्थापित किया है।उन्होंने प्रदर्शनी में भाग लेने एवं सहयोग के लिये सभी संस्थाओं का आभार ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी की ख्याति का अंदाजा इसी से लगया जा सकता है कि बिहार के भागलपुर से एक संस्था इसमें भाग लेने के लिये यहां आयी। समापन समारोह में 17 दिनों में सर्वाधिक बिक्री करने वाली संस्थाओं को पुरूस्कृत किया गया।
