भोपाल : शिवराज सिंह चौहान ने आज कहा कि जल संरक्षण के मुद्दे पर राज्य सरकार बेहद गंभीर है और इससे जुड़े विभिन्न आयामों पर केंद्रित राज्य की जल नीति शीघ्र ही सामने आ जाएगी। चौहान यहां प्रथम अखिल भारतीय राज्य मंत्रियों का सम्मेलन ‘वाटर विजन @ 2047’ को संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली संबोधित किया। इसमें केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल और विभिन्न राज्यों के जल संसाधन मंत्री भी मौजूद थे।
चौहान ने जल और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में राज्य में किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया और कहा कि सरकार जल नीति भी बना रही है। इसमें जल संरक्षण और इससे जुड़े विभिन्न आयामों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही जल नीति सार्वजनिक कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए वृक्षों को बचाने और पर्यावरण की रक्षा की जरूरत भी है। ये आपस में जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं प्रतिदिन पौधों का रोपण पिछले दो वर्षों से लगातार करते आ रहे हैं। उन्होंने इस अवसर पर मौजूद केंद्रीय मंत्रियों और राज्यों के मंत्रियों को आमंत्रण दिया कि वे भी कल यहां उनके साथ पौधारोपण करें। चौहान ने कहा कि जल संरक्षण हमारी संस्कृति में शामिल रहा है। लेकिन पिछले कुछ दशकों से जल और वृक्ष संपदा का अंधाधुंध दोहन हुआ। इस वजह से पर्यावरण संतुलन बिगड़ा है। लेकिन अनेक स्थानों पर जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बेहतर कार्य हुए और अब स्थितियां फिर बदल रही हैं।
उन्होंने बढ़ते शहरीकरण और आने वाले समय में शहरों में शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की चुनौती का जिक्र करते हुए कहा कि इस दिशा में सभी को मिलजुलकर कार्य करना होगा और जनसहभागिता बढ़ाने पर जोर देना होगा। उन्होंने राज्य में जनसहभागिता से संपन्न हुए अनेक कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसा होने से जल संरक्षण भी बेहतर तरीके से किया जा सकता है।
मध्यप्रदेश की जल नीति शीघ्र आएगी
