जयपुर : नित्यानंद राय ने जांच और अभियोजन को कानून के राज की रीढ़ बताते हुए कहा है कि कानून का राज स्थापित करने के लिए इन पर बल देना जरूरी है। राय गुरुवार को जयपुर में जांच एजेंसियों के प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस को सशक्त बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक और आपसी समन्वय बहुत जरूरी है। वर्तमान में अपराध के बदलते स्वरूप के साथ नवीनतम तकनीको का उपयोग पुलिस के लिए जरूरी हो गया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस राष्ट्र की शांति और सद्भाव की भी प्रहरी है। ऐसे में पुलिस को बौद्धिक, भौतिक और संगठनात्मक रूप से मजबूत कर स्मार्ट बल के रूप में बदलना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार ने पुलिस बलों को आधुनिक बनाने के लिए वर्ष 2021 से 2026 के लिए 26 हज़ार करोड़ के ज्यादा की अम्ब्रेला योजना को जारी रखने की मंजूरी दी है।
राय ने कहा कि दैनिक जीवन मे पुलिस का सक्रिय योगदान हमारे जीवन को सहज बनाता है। कोविड के दौरान पुलिस द्वारा किये गए काम से लोगों में पुलिस की सकारात्मक छवि का निर्माण हुआ है। उन्होंने रासायनिक और जैविक आपदा से निपटने के लिए भी पुलिस तैयार करने में प्रशिक्षण के अहम योगदान को रेखांकित किया।
जांच और अभियोजन कानून के राज की रीढ़
