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पतंग उद्योग से 1.25 लाख लोगों को रोजगार, टर्नओवर 625 करोड़

अहमदाबाद : भूपेंद्र पटेल ने रविवार को अहमदाबाद में अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का शानदार शुभारंभ किया। पटेल ने इस अवसर पर कहा कि पतंग उद्योग का टर्नओवर लगभग 625 करोड़ रुपए का है और पतंग उद्योग लगभग एक लाख 30 हज़ार लोगों को रोज़गार देता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई काइट फेस्टिवल की परम्परा आज वैश्विक पहचान बनी है। उनके नेतृत्व में गुजरात के विकास की पतंग लगातार दो दशकों से नई ऊंचाइयां पार कर रही है और गुजरात का पतंग महोत्सव अब इंटरनेशनल अट्रैक्शन बन गया है।
उन्होंने कहा कि पतंग महोत्सव आकाश को पार करने, नई ऊंचाइयों को पार करने का अवसर है। पतंग उन्नति, प्रगति तथा उड़ान की प्रतीक है और काइट फ़ेस्टिवल जैसे गुजरात के त्योहार इंटरनेशनल अट्रैक्शन बने हैं। अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2023 की चर्चा करते हुए पटेल ने कहा कि हम इस वर्ष का पतंग महोत्सव जी-20 की थीम ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के साथ मना रहे हैं।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत पहली बार जी-20 देशों की बैठकों की मेज़बानी कर रहा है। प्रधानमंत्री ने भारत की छवि वैश्विक मंचों पर जिस प्रकार सुदृढ़ व उज्ज्वल बनाई है, उसके कारण ऐसे वैश्विक महासम्मेलन भारत में आयोजित होने लगे हैं। इतना ही नहीं गुजरात को भी जी-20 की लगभग 15 बैठकों की मेजबानी करने का अवसर मिला है। यह हमारे गुजरात के लिए एक गौरव की बात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के दृष्टिवान नेतृत्व में हमने भारत में डिजिटल इकोनॉमी से लेकर डिफ़ेंस के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बदलाव देखे हैं। भारत विश्व की पाँचवीं सबसे बड़ी इकोनॉमी बन चुका है और सबसे ऊँची दर से विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस अमृतकाल में भारत के विकास को अधिक ऊँचाई पर ले जाकर विकसित राष्ट्र के निर्माण का हमारा संकल्प है। मुख्यमंत्री ने विश्वास भी व्यक्त किया कि गुजरात प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इस संकल्प को साकार करने के लिए पूरी तरह सज्ज है।
भूपेंद्र पटेल ने कहा कि गुजरात के विकास की यात्रा अविरत रखने के लिए हमने पर्यटन तथा रोज़गार जैसे विषयों पर विशेष बल दिया है। आज का यह काइट फ़ेस्टिवल इसका उदाहरण है। उन्होंने गुजरात के पतंग उद्योग के विषय में कहा कि श्रभ् मोदी ने हमारे परम्परागत त्योहारों-उत्सवों को जनभागीदारी के साथ लोकोत्सव के रूप में मनाने की नूतन परम्परा दी है।

इसके परिणामस्वरूप दो दशक पहले जहाँ गुजरात में पतंग व्यापार केवल आठ से 10 करोड़ रुपए का था, वहीं अब देश की काइट इंडस्ट्री में 40 प्रतिशत भागीदारी अकेले गुजरात की है। वार्षिक टर्नओवर 625 करोड़ रुपए का है और लगभग एक लाख 30 हज़ार लोग पतंग उद्योग में रोज़गार प्राप्त करते हैं।

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