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यूपी में एमएसएमई सेक्टर की वित्तीय जरूरतों को पूरा करेगी श्रीराम फाइनेंस

लखनऊ : देश की बड़ी खुदरा गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) में शुमार श्रीराम फाइनेंस उत्तर प्रदेश के एमएसएमई सेक्टर की जरूरतों पर विशेष निगाह रखेगी। कंपनी ने छोटे एवं मझोले उद्योगों को कर्ज के जरिए अगले तीन साल में प्रदेश में अपने लोन बुक को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। कंपनी के संयुक्त महानिदेशक जीएम जीलानी ने सोमवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सितंबर 2022 तक कंपनी का उत्तर प्रदेश में एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 10 हजार 770 करोड़ रुपये था जिसे अगले तीन साल में बढ़ाकर 20 हजार करोड़ रुपये करने की योजना है।
उन्होने बताया कि ग्रोथ की रणनीति के तहत एमएसएमई लोन बुक की वृद्धि पर ध्यान दिया जाएगा क्योंकि यूपी में उद्यम स्कीम के तहत पंजीकृत एमएसएमई की तादाद सबसे ज्यादा है और राज्य में एमएसएमई को फाइनेंस उपलब्ध कराने का मौका बहुत अधिक है। कंपनी को उत्तर प्रदेश में अक्टूबर-दिसंबर 2022 के बीच 80 हजार दोपहिया वाहनों के लिए फाइनेंस उपलब्ध कराने में सफलता मिली। 2022 में किसी भी अन्य राज्य के मुकाबले उत्तर प्रदेश दोपहिया वाहनों का सबसे बड़ा बाजार रहा।
श्री जिलानी ने बताया कि आर्थिक गतिविधियों में रिकवरी, ग्रामीण मार्केट में रिवाइवल और माइक्रो एवं स्मॉल बिजनेस एक्टिविटी में तेजी के बदौलत कंपनी ने ये वृद्धि हासिल की है। इससे दोपहिया वाहनों, वाणिज्यिक वाहनों के साथ सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों (एमएसएमई) के लिए फाइनेंस की मांग बढ़ी है। कंपनी प्रदेश में अपनी 150 शाखाओं के जरिए छह लाख 60 हजार से अधिक ग्राहकों की विभिन्न तरह की वित्तीय जरूरतों को पूरा करता है।
उन्होने बताया कि उत्तर प्रदेश में कंपनी का सबसे बड़ा फिक्स्ड डिपोजिट फ्रेंचाइज है जिसका आकार दो हजार 400 करोड़ रुपये से ज्यादा है वहीं, जमाकर्ताओं की तादाद 38 हजार है। कंपनी अपनी ग्रोथ से जुड़ी रणनीति के तहत खुद का रोजगार करने वाले लोगों और एमएसएमई पर ध्यान देगी।

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